Understanding Australia
Radio Australia
homeimpressionspeoplepoliticsenvironmenteducationfaqsaboutABC Asia Pacific
 

आस्ट्रेलिया इंडिया काऊन्सिल के सहयोग के द्वारा ।

  • English Version

कार्यक्रम १- आस्ट्रेलियाई चिट्ठी

:: अंग्रेज़ी में सुनिए - विनडोज़ मिडिया प्लेएर : मिडिया-संबंधित सहायता

(संगीतः मेन एट वर्क द्वारा प्रस्तुत डाऊन अन्डर)

स्यू सलेमनः

नमस्कार¸ मैं हूँ रेडियो आस्ट्रेलिया से स्यू सलेमन और आस्ट्रेलिया के सबसे सफल रॉक समूह¸ मेन एट वर्क की तरह मैं आपका स्वागत करती हूँ¸ आईए हमारे साथ 'वर्तमान आस्ट्रेलिया' की खोज के इस सफर पर।

इन कड़ियों के दौरान आप वर्तमान आस्ट्रेलिया में काम¸ शिक्षा¸ राजनीति और रहन-सहन जैसे विषयों के बारे में सुनेंगे।

तो लोग आस्ट्रेलिया के बारे में कैसी कल्पना करते हैं ?

बाहरी लोगों की आस्ट्रेलिया के बारे में सोच के निर्माण और कल्पना में पर्यटन उद्योग और उसके विज्ञापनों का बहुत बड़ा हाथ है और इसलिए हमने इस कार्यक्रम का नाम "आस्ट्रेलियाई चिट्ठी" रखा है।

गंतव्य स्थान के रूप में आस्ट्रेलिया का प्रस्तुतीकरण एक प्रसिद्ध ट्रेडमार्क की तरह किया जाता है।

जेफ जारविसः

"ट्रेडमार्क आस्ट्रेलिया का वास्तविक सार है उनका जोशीला एवं आज़ाद व्यवहार जो आस्ट्रेलिया के एक नौजवान देश होने पर ज़ोर देता है जहाँ आपके सभी कार्य सम्पन्न हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए युरोप¸ ऐशिया और अमरीका की तुलना में आस्ट्रेलिया में स्वतंत्रता का अनुभव अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।"

स्यू सलेमनः

जेफ जारविस ने पर्यटन मारकिटिंग के क्षेत्र में काम किया है और आजकल वे मेलबर्न के मोनेश विश्वविद्यालय में स्नातक पर्यटन कार्यक्रम के अध्यक्ष हैं। मैंने जेफ से पूछा कि आज तक अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने वाला सबसे अधिक सफल अभियान कौन सा है।

जेफ जारविसः

मेरे ध्यान में सबसे पहले पॉल होगन कड़ियाँ आती हैं।

स्यू सलेमनः

अब यहाँ मुझे आपको रोकना होगा जेफ¸ उन लोगों के लिए जो पॉल होगन या उनकी प्रसिद्ध फिल्मों के बारे में नहीं जानते या फिर जिन्होंने उनकी फिल्में नहीं देखीं। उन्होंने अपना ऐसा रूप प्रस्तुत किया जो हमारे विचार से आस्ट्रेलियाई लोगों के बारे में पूर्वनिर्धारित धारणाएँ स्थापित करता है। क्या आप उनका और उनके विज्ञापनों का हमारे लिए उल्लेख कर सकते हैं ?

जेफ जारविसः

पॉल होगन अद्वितीय व्यक्ति थे; वे सिडनी हारबर ब्रिज पर रंगरोगन करते थे।

स्यू सलेमनः

वास्तविक जीवन में यह उनका रोज़गार था। आस्ट्रेलिया में एक प्रसिद्ध परिहास है कि यदि किसी कार्य को पूरा करने में लंबा समय लगता है तो वह है सिडनी हारबर ब्रिज पर रंग लगाना¸ रंग लगाने के अंतिम चरण पर पहुँचते ही आपको एक बार फिर प्रथम चरण से शुरूआत करनी पड़ती है।

जेफ जारविसः

हाँ¸ अपनी प्रसिद्ध पहचान बनाने से पूर्व वे यही कार्य करते थे और फिर आस्ट्रेलिया में टेलिविज़न पर उन्होंने एक सफल कार्यक्रम किया। मेरा मानना है कि हमारी किस्मत बहुत अच्छी थी कि १९८० के प्राथमिक वर्षों में उनके द्वारा की गई विज्ञापनों की कढ़ियों से हमने आस्ट्रेलिया को दुनिया में प्रस्तुत किया जो 'तंदूरी झींगा मछली' के नाम से प्रसिद्ध हुईं। यह उनका पहला विज्ञापन था और दुनिया भर के सबसे सफल विज्ञापनों की गिनती में आता है।

पॉल होगन विज्ञापनः

"अब मैं आपको कुछ बातों के बारे में चेतावनी देना चाहता हूँ- पहली यह कि आप भीग जाएँगे क्योंकि यह देश चहुँ ओर से पानी से घिरा है। हाँ¸ आपको गुडडे बोलने की आदत डालनी होगी¸ क्योंकि आस्ट्रेलिया का हर दिन एक अच्छा दिन माना जाता है¸ "गुडडे पॉल"¸ "गुडडे लव"। आपको यहाँ के क्षेत्रीय रिवाज़ों की आदत डालनी होगी¸ जैसे कि "सनटैन" पाने के लिए खुले रेस्तरां में धूप सेंकना¸ बिना हेलमेट के फुटबॉल खेलना और सभी लोगों को "मेट" यानी अपने दोस्त की तरह बुलाना¸ "धन्यवाद मेट"¸ "वो सही है मेट"। इसके अतिरिक्त "नो वरीज़" यानी कोई चिन्ता नहीं¸ और आपको आस्ट्रेलिया में जीवन का आनन्द आ जाएगा। और हाँ¸ हम एक ही भाषा बोलते हैं¸ बस आप लोगों का उच्चारण कुछ अजीब है। इस से पहले कि आप आस्ट्रेलिया में छुट्टी मनाने का कार्यक्रम बनाएँ¸ हमें इस निःशुल्क सेवा पर फोन करें और आपको मुफ़्त आस्ट्रेलियाई संदर्शिका भेज दी जाएगी¸ आईए¸ हमें गुडडे कहिए और तब तक मैं आपके लिए एक "तंदूरी झींगा मछली" का इंतज़ाम करता हूँ।"

स्यू सलेमनः

पॉल होगन की आस्ट्रेलिया आने और यहाँ की तंदूर पर पकी झींगा मछली की दावत आस्ट्रेलिया की घर के बाहर जैसे कि अपने बाग़ में¸ समुद्री तटों पर या किसी भी खुले क्षेत्र में क्रियाएँ करने की रूचि को दर्शाता है जिसे साधारण शब्दों में आस्ट्रेलिया के लोग 'द आउटबैक' कहते हैं।

पॉल होगन ने दो फिल्मों में 'मगरमच्छ शिकारी' की एक हास्यजनक भूमिका निभाई जो दुनिया भर में दिखाईं गईं थीं। इसके साथ टेलिविज़न पर "फलाईंग डाक्टरस" नामक कढ़ियों मे उन डाक्टरों को दर्शाया जो पिछड़े हुए इलाकों के मरीज़ों को हवाई जहाज़ से जाकर देखते हैं जिससे आस्ट्रेलियाई आउटबैक या बाहरी ज़िन्दगी का एक चित्र उभर कर सामने आता है।

जेफ जारविसः

"यह सही है कि दुनिया और विशेष रूप से अमरीका में हमारी छवि हमारी लोक संस्कृति पर ही आधारित है। हाल ही में मैंने स्केन्डीनेवियन देशों पर शोध किया और मुझे यह जानकारी प्राप्त हुई कि वहाँ पर भी हमारी छवि हमारी लोक संस्कृति पर ही आधारित है। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि राजसी फलाईंग डाक्टरस क्रिया पर आधारित १९८० और १९९० के दशकों का धारावाहिक "द फलाईंग डाक्टरस" आज भी स्वीडन में दिखाया जाता है और आस्ट्रेलिया की छवि इससे संबंधित है। अमरीका और ब्रिटेन के बाज़ारों में लोक संस्कृति का बहुत महत्व है और इसलिए अमरीका में आज जो हमारी छवि है उसका कुछ श्रेय पॉल होगन को जाता है।"

स्यू सलेमनः

मैंने भी शोध करने का प्रयास किया- आस्ट्रेलिया के मोनेश विश्वविद्यालय में ६००० अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी हैं। इसके अतिरिक्त ६ महीनों के सत्र या एक वर्ष के लिए ३०० एक्सचेंज विद्यार्थी आते हैं जो छुट्टियों में आस्ट्रेलिया में घूमते हैं। मैंने डेनमार्क के मारटिन ऐलेकज़ेंडर और स्वीडन के मिखेल स्टोबल से पूछा कि यहाँ आने से पूर्व वे आस्ट्रेलिया के बारे में क्या जानते थे ?

मारटिन ऐलेकज़ेंडरः

"मैं यहाँ के बारे में काफी बातें जानता था क्योंकि लगभग दस वर्ष पहले मैं न्यूज़ीलैंड एक्सचेंज विद्यार्थी की तरह आया था और क्योंकि आस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में कई समानताएँ हैं¸ मुझे इस देश के बारे में कुछ जानकारी थी और सदा से मैं यहाँ पर लंबे समय के लिए रहना चाहता था।"

स्यू सलेमनः

तो आपने यहाँ फिर से आने का फैसला किया।क्या आप हमें यहाँ फिर से आने के कारण और आस्ट्रेलिया में अपने अनुभव के बारे में और जानकारी दे सकते हैं ?

मारटिन ऐलेकज़ेंडरः

मेरा मानना है कि आस्ट्रेलिया एक महान देश है¸ यहाँ के कई लोग अत्यन्त मैत्रीपूर्ण हैं और कुछ लोग ऐसे हैं जो मैत्रीपूर्ण नहीं हैं¸ ओ... शायद मुझे ऐसा नहीं कहना चाहिए...

स्यू सलेमनः

नहीं¸ आपसे अनुरोध है कि आप जो कहना चाहते हैं¸ वो बोल सकते हैं¸ हम इस देश में स्वतंत्रता का अनुभव चाहते हैं।

मारटिन ऐलेकज़ेंडरः

हाँ¸ मैं यही कहना चाहता था कि आप लोग स्वतंत्र विचारों के हैं¸ यहाँ के लोग मैत्रीपूर्ण हैं और आस्ट्रेलिया में नए लोगों से मिलना और बातचीत करना बहुत आसान है¸ उन्हें विदेशियों के बारे में बहुत उत्सुकता होती है और वे जानना चाहते हैं कि हम क्या करते हैं और यहाँ पर क्यों हैं।

स्यू सलेमनः

मेरे विचार से ऐसा इसलिए है क्योंकि आप जैसे लोग बहुत दूर से यहाँ आते हैं। मिखेल¸ अब आप बताएँ¸ क्या आप आस्ट्रेलिया आने से पहले यहाँ के बारे में बहुत जानते थे ?

मिखेल स्टोबलः

मैं आस्ट्रेलिया के बारे में ज़्यादा नहीं जानता था¸ बस वही जो टेलिविज़न के "द फलाईंग डाक्टरस"¸ "क्रोकोडाइल हंटर" या खेल के कार्यक्रमों में देखा था। इसलिए मुझे यहाँ आने से पूर्व आस्ट्रेलिया के बारे में पढ़ना पड़ा। मेरे कुछ दोस्त यहाँ पढ़ते थे और उन्होंने मुझे यहाँ आने की सलाह दी। अक्सर सुनने में आता है कि आस्ट्रेलिया के लोग अत्यन्त मैत्रीपूर्ण होते हैं¸ हालांकि यह एक सामान्य निष्कर्ष हैं¸ परन्तु सत्य है¸ आस्ट्रेलिया के लोग अत्यन्त मैत्रीपूर्ण और बातूनी होते हैं और एक आस्ट्रेलियाई से बातचीत की शुरूआत करना बहुत आसान है।" कई बार तो आपको उन्हें रोकना पड़ सकता है क्योंकि वे बहुत बातूनी होते हैं¸ मुझे यह विषेश रूप से अजीब लगता है क्योंकि मैं उत्तरी युरोप से हूँ और वहाँ ऐसा नहीं होता¸ परन्तु फिर भी मुझे उनका यह स्वभाव पसंद है और विश्वास है कि यहाँ आने वाले सभी लोगों को यह अच्छा लगेगा। आप महसूस करेंगे कि मेलबर्न की संस्कृति अत्यन्त युरोपिए है परन्तु दूसरी ओर देखने पर अचानक से आपको ऐशियाई सभ्यताएँ मिलेंगी इसलिए आस्ट्रेलिया बहुसंस्कृतियों से परिपूर्ण है¸ यह मेरी अपेक्षा से कहीं ज़्यादा बहुसांस्कृतिक है। मेलबर्न का एक रूप देखना असंभ्व है क्योंकि यह लगभग सभी प्रकार की संस्कृतियों को एक रूप में प्रस्तुत करता है।

मारटिन ऐलेकज़ेंडरः

हाँ¸ मुझे लगता है कि यदि कोई एक रात के लिए मेरा अपहरण कर मुझे शहर में भेज दे और पूछे कि मैं कहाँ हूँ तो मेरे लिए इस प्रश्न का उत्तर देना कठिन होगा क्योंकि आस्ट्रेलिया कुछ-कुछ युरोप की तरह दिखता है और इसके साथ-साथ यहाँ अमरीकी सभ्यताएँ भी देखने को मिलती हैं। ऐसा युरोप में भी है लेकिन फिर भी आस्ट्रेलिया अत्यन्त बहुसांस्कृतिक है। मुझे सबसे ज़्यादा हैरानी यहाँ के मौसम को देखकर होती है¸ मुझे लगता था कि सम्पूर्ण आस्ट्रेलिया में बहुत गर्मी होती है और मैं यहाँ पर एक लंबी गर्मी व्यतीत करने की प्रतीक्षा कर रहा था। परन्तु यहाँ पर तो मेरे देश डेनमार्क से भी अधिक सर्दी होती है और मुझे यह पसंद नहीं है... यह कहने के बाद वे हँस पड़े।"

स्यू सलेमनः

टेलिविज़न¸ फिल्मों और आस्ट्रेलियाई पर्यटन विभाग द्वारा निर्मित पॉल होगन के सफल विज्ञापन आस्ट्रेलिया के बारे में लोगों की पूर्वनिर्धारित धारणाओं को बढ़ावा देते हैं- मध्य आस्ट्रेलिया का धूप-भरा एवं सूखा 'रेड सेंटर' तथा देश के लंबे और सुनहरे समुद्री तट । शेरीज़ टाउन जैसे आगन्तुक यहाँ आने पर इसी छवि को देखने की प्रत्याशा करते हैं।

शेरीज़ टाउनः

"आस्ट्रेलिया पर ज़्यादा समाचार नहीं होते परन्तु मिडिया में आस्ट्रेलिया बहुत देखने को मिलता है। मैंने मिडिया स्टडीज़ में इस पर एक विषय किया था और मुझे लगता है कि मेरे अध्यापक को मेरा कार्य पसंद नहीं आया क्योंकि मैंने जो आस्ट्रेलिया के बारे में अपने विचार लिखे¸ उनके अनुसार आस्ट्रेलिया ऐसा नहीं था।"

स्यू सलेमनः

ओ¸ अब आपको हमें बताना होगा कि आस्ट्रेलिया के बारे में आपके मन में क्या प्रभाव और छवि थी।

शेरीज़ टाउनः

"मैंने मिडिया स्टडीज़ में 'मिश्न इम्पोसिबल २' फिल्म के आस्ट्रेलिया में निर्देशन के विषय में पढ़ा था। इस फिल्म में सूखे और अपार मैदानी दृश्यों में भागते हुए कंगारू¸ नाव पर सवार होते हुए तथा हेलिकोप्टर में अभिनेता के दृश्य थे जो आस्ट्रेलिया में पाए जाते हैं और यह देखकर मैंने आस्ट्रेलिया आने का निर्णय लिया। और यहाँ आने पर मुझे एक भी कंगारू देखने को नहीं मिला¸ एक कैम्प में जाने पर मैंने कंगारू देखे। इस उदाहरण से मैं यह बताना चाहती हूँ कि किस प्रकार मिडिया का हम सब पर प्रभाव होता है। हो सकता है कि यदि मैं मध्य आस्ट्रेलिया में रहती तो मुझे बहुत ज़्यादा कंगारू देखने को मिलते परन्तु मेलबर्न में ऐसा होना असंभव है।"

स्यू सलेमनः

आपके देशवासी बिल ब्राएसन ने "द सनबर्नट कन्ट्री" नामक प्रसिद्ध पुस्तक में लिखा है कि उनके अनुसार आस्ट्रेलिया दक्षिणी कैलिफोरनिया जैसा है।

बिल ब्राएसनः

" मुझे अच्छे से याद है कि मुझे यहाँ आए अभी कुछ घंटे ही हुए थे¸ इतना कम समय कि मुझे अभी तक अपने कपड़ों में से हवाई जहाज़ में छिड़की गई कीटनाशक दवा की गंध आ रही थी और मैं कोलिन्स स्ट्रीट पर खड़ा था। टनटन करती ट्रेमों और बहुत सारे लोगों को देख मैंने सोचा कि यह है एक बड़ा देश है। ऐसा लगा कि मैंने स्वयं ही किसी नए ग्रह या ब्रह्माणड में ज़िन्दगी की खोज की हो जो हमारे जैसी होते हुए भी हमारी ज़िन्दगी से अलग है। मैं आपको बता नहीं सकता कि यह कितना रोचक था। मुझे लगता था कि आस्ट्रेलिया दक्षिणी कैलिफोरनिया जैसा है¸ गरम धूप¸ समुद्री तटों पर लोगों का प्रसन्नता से समय व्यतीत करना¸ "बेवाच" जैसा वातावरण और क्रिकेट के खेल। परन्तु ऐसा नहीं था। मेलबर्न के वातावरण में ठहराव और रमणीयता थी जो उत्तरी अमरीकी नहीं बल्कि यूरोपिए लगती थी। यहाँ पूरा सप्ताह बरसात होती थी जो मुझे बहुत पसंद थी और मैंने कभी नहीं सोचा था कि यहाँ का मौसम ऐसा होगा। मेरी इस बात का निचोड़ यह है कि मुझे यहाँ आते ही यह देश बहुत अच्छा लगा और मैंने ऐसा कभी नहीं सोचा था। यह जगह मेरे लिए उपयुक्त थी। ऐसा इसलिए था क्योंकि मैंने अपना आधा जीवन अमरीका और आधा ब्रिटेन में व्यतीत किया था और आस्ट्रेलिया इन दोनों का एक सुखद मिश्रण है। ब्रिटेन के सिद्धांतों पर आधारित होने के बावजूद भी इस देश में अमरीका जैसी अनौपचारिकता और ज़िंदादिली है। अपने आशावाद और अनौपचारिक व्यवहार के कारण अमरीकियों जैसे लगने वाले आस्ट्रेलियाई लोग ब्रिटिश लोगों की तरह सड़क की बांईं ओर वाहन चलाते हैं¸ चाय का सेवन करते हैं¸ क्रिकेट खेलते हैं¸ अपने शहरों में ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया की प्रतिमाएँ लगवाते हैं और यहाँ तक कि अपने बच्चों को बिना किसी खेद के ब्रिटिश लोगों जैसी स्कूल की वर्दी पहनाते हैं। मुझे यह वातावरण अत्यन्त आरामदेह लगता था। मुझे अचानक से महसूस हुआ कि मैं इस जगह के बारे में कितना कम जानता था। मैं यहाँ के समाचार पत्रों¸ तटों¸ विश्वविद्यालयों तथा उपनगरों के नाम नहीं जानता था¸ यहाँ के इतिहास और सफलताओं के बारे में मुझे बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी और पुलीस, हवलदार तथा डाकिए को पहचान तक नहीं सकता था क्योंकि मेरी जानकारी उनके बारे में भी कम थी। मुझे फिर भी आस्ट्रेलियाई गायकों के झूम कर¸ स्वरों को लहरा कर गाने के अंदाज़ से प्रेम था। ईस्ट गिपस्लैंड यंग फारमर्स फर्सट नावल के पुरस्कार वित्तरण समारोह का एक निमंत्रण मैंने स्वीकार किया क्योंकि मुझे वहाँ बुलाए जाने की प्रसन्नता थी और मैं कॉकटेल का आनन्द लेना चाहता था। मैं दो महिला प्रकाशकों के साथ खड़ा था और तभी एक बड़े महत्वपूर्ण सज्जन वहाँ आए¸ उन्हें देख एक प्रकाशक महिला ने कहा कि देखो ब्रूस डेज़लिंग यहाँ आए हैं और फिर मज़ाक करते हुए कहा कि यह महोदय तो छोटे से छोटे आवरण के उद्घाटन समारोह पर भी जा सकते हैं। एक और व्यक्ति ने मुझे आस्ट्रेलिया आ रहे अपने अंग्रेज़ दोस्त की कहानी सुनाई कि उनके दोस्त ने जब हवाई-जहाज़ की परिचारिका से कहा कि उनका हाथ साफ़ करने का रूमाल ठंडा है और वे गरम रूमाल लेना चाहेंगे तो उस परिचारिका ने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि वे उस रूमाल पर बैठ जाएँ तो रूमाल गरम हो जाएगा। यह कहानी सुनते ही मैं जान गया था कि मुझे यह जगह पसंद आएगी और तब से मेरी हँसी रुकी ही नहीं है।"

स्यू सलेमनः

बिल ब्राएसन की मनोरंजक पुस्तक का नाम "इन अ सनबर्नट कन्ट्री" है। बिल को हैरानी शायद इसलिए हुई क्योंकि वे दूर के दक्षिण-पूर्व में स्थित मेलबर्न में गए थे¸ जो प्रतिद्वन्द्वी उत्तरी शहर सिडनी की तुलना में विज्ञापनों में कम दिखाया जाता है।

शेरीज़ टाउन को विक्टोरिया राज्य के मेलबर्न शहर में आने पर निराशा हुई क्योंकि यहाँ पर वो तटीय रहन-सहन नहीं था जिसकी प्रत्याशा उन्होंने "सनी आस्ट्रेलिया" से की थी...

शेरीज़ टाउनः

"मैं विक्टोरिया राज्य के शहर मेलबर्न में आई थी और यह जगह मिडिया में नहीं दिखाई जाती। मेलबर्न शहर का रहन-सहन अंग्रेज़ी रहन-सहन से अत्यन्त प्रभावित है और हमें यह छवि नहीं बल्कि समुद्री तटों की छवि दिखाई जाती है।"

डेविड डनस्टनः

"मुझे नहीं लगता की यह बुरी बात है कि बाहर के लोगों पर आस्ट्रेलिया की इन साधारण छवियों का असर होता है¸ मेरे विचार से स्वाभाविक रूप से लोगों के दूसरे देशों की संस्कृति एवं समाज के बारे में सहज विचार होते हैं। इसका उदाहरण है स्काटलैंड के लोग और उनकी स्कर्ट तथा किल्ट । इसलिए आप वही प्रयोग करते हैं जिससे लोग आकर्षित हों। मैं ज़रूर देखना चाहूँगा कि लोग आस्ट्रेलिया के अन्य क्षेत्रों को भी देखें। यह दुख कि बात है कि वे केवल सिडनी और गोल्ड कोस्ट जैसे शहरों तक ही सीमित रह जाते हैं।"

स्यू सलेमनः

डेविड डनस्टन मोनेश विश्वविद्यालय में पर्यटन एवं आस्ट्रेलियाई शिक्षा के वरिष्ट प्राध्यापक हैं।

डेविड डनस्टनः

"आस्ट्रेलिया केवल ब्रिटेन और अमरीका का मिश्रण नहीं है। यह अपने ही रूप में नए ज़माने का समाज है। मेरे विचार से अधिकतर लोग आस्ट्रेलिया आने पर दुनिया के प्राचीन विचार तथा अपने देश की संस्कृति और रहन-सहन को साथ लाते हैं। परन्तु यही लोग अधिकतर अपनी संस्कृति को स्वीकृत नहीं करते। मेरे विचार से आस्ट्रेलियाई स्वभाव ब्रिटिश स्वभाव के विरुद्ध है। आप जानते हैं कि १९वीं तथा २०वीं सदी में आस्ट्रेलिया आने वाले लोग वर्ग व्यवस्था तथा सामाजिक रोक-टोक के विरूद्ध थे। आज आस्ट्रेलियाई सोच में यह स्वभाव देखने को मिलता है। इसी प्रकार से मेलबर्न की पहचान में भी पिछले ४० वर्षों में यहाँ ईटली¸ ग्रीस¸ टर्की और हाल ही में वियेतनाम से आने वाले लोगों का गहरा असर हुआ है और इन लोगों के साथ-साथ सभी मेलबर्न वासियों ने भी इस बदलाव का आनन्द लिया है।"

स्यू सलेमनः

अधिकांश अंतरराष्ट्रीय पर्यटक अपना समय और पैसा सिडनी और गोल्ड कोस्ट के समुद्री तटों के अतिरिक्त क्वीनसलैंड के धूप वाले क्षेत्रों में लगाते हैं।

परन्तु जो लोग मेलबर्न आते हैं उन्हें मेलबर्न का बहुसांस्कृतिक महानगरीय वातावरण बहुत अच्छा लगता है। होंग कोंग से मेलबर्न आए स्नातक विद्यार्थी ऐबी ली यहाँ के इतिहास और १९वीं सदी के 'गोल्ड रशीस' से आज तक के चीन से संबंधों पर शोध करना चाहते थे।

ऐबी लीः

"शायद मैं अन्य पर्यटकों की तरह नहीं हूँ। मुझे यह देखने में ज़्यादा रुचि है कि किस प्रकार एक उपनिवेश के इतिहास वाला देश वर्तमान में दुनिया के सबसे प्रसिद्ध और उन्नत देशों में से एक कैसे है। इसलिए मैं देखना चाहूँगा कि आस्ट्रेलिया में यह परिवर्तन कैसे और क्यों हुआ क्योंकि हम चीनी लोग इस प्रकार मज़े नहीं करते¸ हमारे देश में समुद्री तटों और धूप का आनन्द लेने का इतना चलन नहीं है। हमारा ध्यान संस्कृति¸ इतिहास¸ विशेषकर आस्ट्रेलिया में चीनी इतिहास की ओर है क्योंकि चीन की छाप यहाँ पर 'गोल्ड रश' के दिनों से है और यदि आपके परिवार का कोई सदस्य या जानकार आस्ट्रेलिया में नहीं रहता तो आपको यह मालूम नहीं होगा कि यहाँ पर बहुत ज़्यादा चीनी लोग रहते हैं।

स्यू सलेमनः

आप यहाँ पर क्या देखना चाहते हैं¸ जब तक आप मेलबर्न में हैं¸ क्या आप किसी प्रकार की ख़ोज करना चाहते हैं ?

ऐबी लीः मैं यहाँ पर कुछ संग्रहालय तथा कला प्रदर्शनियाँ देखना चाहता हूँ। मैंने देखा है कि मेलबर्न की तुलना में होंग कोंग अत्यन्त व्यवसायिक है और वहाँ सब कुछ मिलता है¸ मेलबर्न के लोग भी भिन्न प्रकार के हैं।

स्यू सलेमनः

तो ऐसा क्यों है कि पर्यटन श्रृंखलाओं में आस्ट्रेलिया की विविधता को नहीं दर्शाया जाता ?

पर्यटन अनुसंधानकर्ता जेफ जारविस के विचार...

जेफ जारविसः

"हमें एक बात पर ध्यान देना चाहिए कि आस्ट्रेलियाई लोग स्वंय को किस प्रकार से दुनिया को दिखाना चाहते हैं। आस्ट्रेलिया में रहने से हम यह जानते हैं कि आस्ट्रेलिया एक बहुजातीय तथा बहुसांस्कृतिक समाज है और यह केवल ओपेरा हाऊस¸ बैरियर रीफ तथा ऐअरस रॉक का देश नहीं है। अंतरराष्ट्रीय विज्ञापनों में दिखाए जाने वाले चित्रों से ज़्यादा विविधता इस देश में देखने को मिलती है। हमें सदैव याद रखना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन में हमारा प्रतियोगी सारा विश्व होता है और इसलिए हमें केवल वही दिखाना होता है जो आस्ट्रेलिया के अतिरिक्त और कहीं नहीं मिलता। यदि हम युरोप में अपने आर्टस त्याहारों और बहुसंस्कृति की बात करेंगे तो हो सकता है कि लोग कहें कि 'मुझे आस्ट्रेलिया आने की क्या आवश्यकता है जब वियन्ना और प्राग जैसे स्थानों पर मुझे लगभग ऐसा ही अनुभव प्राप्त हो सकता है।' इसलिए हम आस्ट्रेलिया की विशिष्टता पर ज़ोर देते हैं और हम आस्ट्रेलिया की रूढ़िबद्ध पुरानी छवि का इस्तेमाल करते हैं जो आज भी आस्ट्रेलिया में विद्यमान हैं।

स्यू सलेमनः

कई प्रकार के ख़ाली मैदान में खड़े 'अकूब्रा हैट' वाले पुरूष जैसे चित्र आस्ट्रेलिया की छवि को रूढ़ीबद्ध करते हैं जैसे कि रसल ड्राएस्डेल के चित्र आस्ट्रेलिया के स्मृति चिन्हों पर बनाए जाते हैं। परन्तु हमारे जैसे शहरों के निवासी चाहते हैं कि विदेशी लोग हमारा रहन-सहन भी देखें ?

जेफ जारविसः

"आपका कहना बिल्कुल सही है¸ आस्ट्रेलिया को सदा से अपने दूर स्थित कसबों और ग्रामीण क्षेत्रों से आकर्षण रहा है और हमारे कई हीरो भी इन क्षेत्रों से आए हैं। नेड कैली जैसे लोग¸ जो सदा से ही हीरो के रूप में देखे गए हैं। हम अपने इस आकर्षण का प्रस्तुतीकरण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कर रहे हैं।"

स्यू सलेमनः

फिर भी मोनेश विश्वविद्यालय के पर्यटन प्राध्यापक पर्यटन विज्ञापनों को धूप वाले आस्ट्रेलिया के रूढ़िबद्ध चित्रों से हटकर सांस्कृतिक पर्यटन की ओर बढ़ते हुए देखना चाहेंगे जिससे पर्यटन का विशेष व्यापार किया जा सके।

डेविड डनस्टनः

"हम अपने पर्यटकों को एकमात्र सोच का समझते हैं परन्तु ऐसा नहीं है¸ पर्यटक हर रंग और रूप के होते हैं¸ हर उम्र के होते हैं तथा सभी लोग अलग-अलग तरीकों एवं पूर्वनिर्धारित विचारधाराओं तथा रूढ़िबद्ध सोच के साथ पर्यटन करते हैं। जैसा कि हमारे कुशल पर्यटन व्यापारी जानते हैं¸ हम विभिन्न तरीकों से उनको प्रसन्न या अप्रसन्न करने की क्षमता रखते हैं। शायद हमें उतना सांस्कृतिक पर्यटन नहीं मिल रहा जितना मिल सकता है और हमें अपनी सांस्कृतिक संस्थाओं में वृद्धि करने की आवश्यकता है। सर्फ¸ धूप और सेक्स का पर्यटन शायद अब बहुत अधिक बढ़ गया है। यह चिंता तर्कसंगत है और हमें अपने पर्यटन विभाग में बदलाव लाने की सोच को अपनाना चाहिए। एक समझदार राष्ट्र होने के नाते हमें 'तंदूरी झींगा मछली' जैसे उपायों से निकल कर एक सुसंस्कृत पर्यटन कार्यक्रम की ओर ध्यान देना चाहिए।"

स्यू सलेमनः

यदि उत्तरी गोलार्द्ध के आगन्तुक टेलिविज़न और फिल्में देखकर हमारी प्रसिद्ध संस्कृतियों से प्रभावित होते हैं तो दूसरी ओर दक्षिणी पूर्व ऐशिया की यसिन्टा कुरनियासिह और इंडोनिसिया की ऐनी बेक वरधानी जैसे आगन्तुक सिर्फ वही जानते हैं जो उन्हें स्कूल में सिखाया जाता है।

यसिन्टा कुरनियासिहः

"हमें सिखाया गया था कि आस्ट्रेलिया एक विशाल देश है जिसका प्रतीक कंगारू है और जिसके स्वदेशी लोग ऐबोरजीनी हैं। और हम यह भी जानते हैं कि आस्ट्रेलिया में पश्चिमी सभ्याताएँ हैं। आस्ट्रेलिया के टेलिविज़न¸ उसके कार्यक्रमों¸ राजनीति और अन्य सभी वस्तुओं में सफ़ेद नस्ल ही प्रमुख है। यह सब देखकर मुझे लगा कि हम आस्ट्रेलिया से 'बहुत दूर हैं' परन्तु मुझे यह अहसास नहीं हुआ कि हम फिर भी इस देश के बहुत करीब थे।"

स्यू सलेमनः

आप बताइऐ ऐनी¸ आपकी पहले आस्ट्रेलिया के बारे में क्या समझ थी ?

ऐनी बेक वरधानीः

मैं आस्ट्रेलिया आने से पूर्व यहाँ के बारे में ज़्यादा नहीं जानती थी। मेरे परदादा केनबेरा में सांस्कृतिक विशेषज्ञ थे और इंडोनिसिया वापिस आने पर वे साउथ पेसिफिक देशों तथा आस्ट्रेलिया पर लिखी कई किताबें लाए थे। उनके द्वारा मुझे भेंट की गई एक पुस्तक पढ़ने पर मुझे ज्ञात हुआ कि आस्ट्रेलिया इंडोनिसिया के बहुत करीब है। मुझे लगता था कि आस्ट्रेलिया में केवल गोरी नस्ल के लोग ही रहते हैं परन्तु पुस्तक पढ़ने के उपरान्त मुझे ऐबोरजीनी लोगों के बारे में भी पता चला और तब मुझे अहसास हुआ कि आस्ट्रेलिया में केवल गोरी नस्ल के लोग ही नहीं रहते।"

लिनेट रसलः

"मध्य आस्ट्रेलिया में भी अत्यन्त सुन्दरता है और यहाँ पर भी भव्य दृश्य देखने को मिलते हैं। परन्तु विज्ञापनों में जब इस भाग को अनंत और प्राचीन कहा जाता है तो मुझे बहुत बुरा लगता है- 'आइऐ और ६०¸००० वर्ष पुरानी इस संस्कृति का आनन्द लीजिए' जैसे वाक्यों में १९वीं सदी की छवि गूँजती है। यह सब सुनकर उस समय का आहवान होता है जब ऐबोरजीनी लोगों को पिछड़ा हुआ तथा आज के मनुष्य का पूर्वज माना जाता था।"

स्यू सलेमनः

मेलबर्न के मोनेश विश्वविद्यालय के ऐबोरजीनल स्टडीज़ की अध्यक्ष लिनेट रसल का मानना है कि पर्यटन संबंधी विज्ञापनों का सांस्कृतिक परम्पराओं पर प्रायः दुःप्रभाव होता है। 'डीजरीडू' नामक प्राचीन संगीत वाद्य¸ जिसका निर्माण पेड़ों की खोखली टहनियों से किया जाता है और 'बुमरऐंग' जैसे उदाहरण देते हुए रसल का कहना है कि "यह सब उदाहरण मुख्य रूप से मध्य आस्ट्रेलिया की ऐबोरजीनी सम्प्रदायों को दर्शाते हैं। परन्तु इन सब को ऐबोरजीनी आस्ट्रेलिया का प्रतीक चिन्ह बना कर प्रस्तुत किया जाता है और कारणवश यहाँ आने वाले पर्यटक चारों ओर केवल यही सब देखने की अपेक्षा करते हैं। (एस एफ एक्सः मध्य आस्ट्रेलिया का पर्यटन विज्ञापन)

लिनेट रसलः

बुमरऐंग जैसी क्षेत्रीय वस्तुएँ जो केवल मध्य आस्ट्रेलिया में पाई जाती हैं आजकल सम्पूर्ण आस्ट्रेलियाई ऐबोरजीनी लोगों के साथ जोड़ी जाती हैं¸ इसी प्रकार डीजेरीडू भी केवल उत्तरी तथा मध्य आस्ट्रेलिया में ही पाया जाता है। डीजरीडू कभी भी दक्षिण पूर्वी संस्कृति का हिस्सा नहीं था लेकिन अब स्वदेशी संस्कृति में प्रदर्शन तथा पर्यटन के लिए डीजरीडू का प्रयोग किया जाता है जबकि यह देश के इस भाग से संबंधित नहीं है।

स्यू सलेमनः

शायद कई आस्ट्रेलियाई लोगों को इस बात का अहसास नहीं है। मेरे कहने का मतलब है कि क्या पर्यटन उद्योग द्वारा निर्मित छवियों का प्रभाव केवल विदेश में ही नहीं बल्कि आस्ट्रेलियाई लोगों पर भी होता है ?

लिनेट रसलः

बिल्कुल¸ उदाहरण के लिए मध्य आस्ट्रेलिया की पुपन्या परम्परा के बिंदुओं वाले चित्रों को ही पर्यटन कला समझा जाता है। और फिर जब लोग 'ग्रेम्पियन्स' या 'गेरिवर्ड नेश्नल पार्क' जाने पर विक्टोरियन ऐबोरजीनल रॉक आर्ट देखते हैं तो उन्हें निराशा होती है क्योंकि वे लोग कुछ ऐसा देखने आते हैं जो उस प्रांत की परम्परा का हिस्सा ही नहीं है। इस पर सबसे अधिक दी जाने वाली टिपण्णी होती है कि यह ऐबोरजीनी या रोक आर्ट नहीं लगता। ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्होंने पर्यटन अभियानों में मध्य आस्ट्रेलिया की विभिन्न छवि देखी होती है।"

स्यू सलेमनः

लिनेट रसल मोनेश विश्वविद्यालय में इंडिजीनस स्टडीज़ केन्द्र की डाएरेक्टर हैं।

हमारे अगले कार्यक्रम में हम सिडनी के २००० ओलिम्पिकखेलों में विश्व को प्रस्तुत की गई आस्ट्रेलिया की छवि पर प्रकाश डालेंगे जिसमें आस्ट्रेलिया के स्वदेशी लोगों ने भी भाग लिया था।

(एस एफ एक्सः २००० सिडनी ओलिम्पिकखेलों का ऐ बी सी द्वारा प्रसारण¸ स्वर्ण पदक प्राप्त करते हुए कैथे फ़्रीमैन)

"ऐबोरजीनी चैम्पीयन के ओलिम्पिककोलड्रोन जलाने के लिए चयन पर किसी भी दर्शक ने आपत्ति नहीं की थी। जलप्रपात के साथ-साथ फ़्रीमैन ने मशाल कोलड्रोन को जलाया¸ जिसमें हालांकि कुछ देर लगी परन्तु अन्ततः मैदान में यह कार्य सम्पूर्ण हुआ।"

स्यू सलेमनः

आशा करती हूँ कि मुझे यानि स्यू सलेमन को रेडियो आस्ट्रेलिया पर आप अगली बार 'ग्रैंडस्टैंड से एक दृश्य (बेहतरीन दृश्य)' के लिए मिलेंगे... मेलबर्न के मोनेश विश्वविद्यालय के नेश्नल सेंटर फार आस्ट्रेलियन स्टडीज़ को शैक्षिक सलाह के लिए तथा तकनीकी निर्देशन के लिए रेयान ईगन को मेरा धन्यवाद।