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आस्ट्रेलिया इंडिया काऊन्सिल के सहयोग के द्वारा ।

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कार्यक्रम ३- अधूरे कार्य

:: अंग्रेज़ी में सुनिए - विनडोज़ मिडिया प्लेएर : मिडिया-संबंधित सहायता

(संगीत- क्रीसटीन अनु की ऐलबम 'सिंगरस फार द रेड¸ बलैक ऐंड गोल्ड' में से आईलैंड होम)

स्यू सलेमनः

नमस्कार¸ आपके साथ 'वर्तमान आस्ट्रेलिया' पर मैं स्यू सलेमन।

आज का विषय¸ 'अधूरे कार्य' ऐबोरजीनी तथा टोरस स्टरेट द्वीप से आए लोगों के भूमि अधिकार।

पेडरो स्टीफन्सः

"टोरस स्टरेट में एक लोक गाथा है जो बुज़ुर्ग लोग सुनाते हैं कि आप जो भी करना चाहते हैं¸ बिना किसी चिंता के कर सकते हैं क्योंकि जब केप्टन कुक ने आस्ट्रेलिया पर कब्ज़ा किया तो टोरस स्टरेट की ओर उनकी पीठ थी¸ और हमारी भाषा तथा परम्परा में यह प्रचलन है कि यदि आप किसी से बात करें तो उसकी ओर देखते हुए करें। परन्तु यदि आप उसकी ओर पीठ करें तो समझा जाता है कि आप किसी और से बात कर रहे हैं। इसलिए यहाँ पर परिहास किया जाता है कि केप्टन कुक ने आस्ट्रेलिया पर कब्ज़ा किया था टोरस स्टरेट पर नहीं।"

स्यू सलेमनः

पेडरो स्टीफन्स- टोरस शाएर काउनसिल के प्रथम स्वदेशी मेयर।

१७७० में टोरस स्टरेट के रास्ते से नाव पर आस्ट्रेलिया आने पर केप्टन कुक ने यह साबित कर दिया कि पेपुआ न्यू गिनी से आस्ट्रेलिया नहीं जुड़ा हुआ और यह कि टोरस स्टरेट प्रशांत महासागर के क्षेत्रों को जोड़ने का एक मुख्य समुद्री रास्ता है।

टोरस स्टरेट द्वीप में ही केप्टन कुक ने इंगलैंड के लिए आस्ट्रेलिया के पूर्वी तट पर अपना अधिकार स्थापित किया था- ब्रिटेन के सिडनी कोव को उपनिवेश बनाने से आठ वर्ष पहले।

परन्तु मध्य १९वीं सदी तक ही क्वीनसलैंड की सरकार ने टोरस स्टरेट द्वीप के लोगों को संलग्न किया।

पेडरो स्टीफन्सः

"केप्टन कुक के '३९ में यहाँ आने तथा क्वीनसलैंड द्वारा टोरस स्टरेट के संलग्न होने के बाद टोरस स्टरेट में रहने पर यहाँ के उस कानून के बारे में जानकारी मिलती है जिसके अनुसार द्वीपों के बीच धूमने पर भी निषेध है लेकिन द्वीप के वातावरण में रहने के कारण हमें अन्य द्वीपों के साथ मिलने तथा व्यापार करने की आदत थी। जब टोरस स्टरेट की नई सरकार ने इस चलन पर रोक लगा दी तो द्वीपों के बीच आने-जाने के लिए हमें प्रबंधकों से अनुमति लेनी पड़ती थी।"

स्यू सलेमनः

मुख्य भूमि के ऐबोरजीनी लोगों की तरह कई टोरस स्टरेट निवासियों को चर्च या सरकारी कामों के लिए द्वीप से बाहर भेज दिया जाता था जबकि कुछ लोग द्वीप पर ही कार्य करते थे।

जब ऐडी कोएकी माबो टाउनस्विल स्थित जेम्स कुक विश्वविद्यालय में माली की नौकरी कर रहे थे¸ तब उन्हें मालूम हुआ कि उनका 'मेर या मुररे द्वीप' ब्रिटिश राज्य के आधिन था।

उन्होंने मेर के अन्य चार टोरस स्टरेट के लोगों के साथ अपनी पारंपरिक स्वदेशी नागरिकता को कानूनी मान्यता प्रदान करवाने की लड़ाई लड़ी।

इस न्यायिक जंग को सुलझने में १० वर्ष का समय लगा...

पेडरो स्टीफन्सः

"एक प्रश्न सदा से ही रहा है कि क्या कारण था जिससे उन्हें इस लड़ाई की प्रेरणा मिलती थी? कारण था अपने लोगों तथा उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ना और कोएकी तथा उन जैसे अन्य लोगों के पास सरकार से अपना अधिकार माँगने का एक ही रास्ता था¸ कि वे खड़े होकर सरकार से कहें कि जब प्रारम्भ से ही यह जल तथा भूमि उनकी थी तो वर्तमान स्थिति में उन्हें आने-जाने तथा व्यापार के लिए किसी की अनुमति की आवश्यकता क्यों है? उस समय कोएकी जैसे लोगों के पास केवल एक ही रास्ता था कि वे इस अधिकार को अपना एक नैतिक अधिकार समझें तथा सरकार से कहें कि यह अधिकार प्रदान करना सरकार का एक नैतिक कर्तव्य है। सरकार का इस पर एक ही उत्तर था कि सरकार अपने कानूनी कर्तव्य का पालन कर रही है और ऐसा करना ही नैतिक भी है लेकिन कोएकी की इस लड़ाई के बाद ही राष्ट्रमंडल ने भी टोरस स्टरेट में अधिक रूचि दिखाई।"

स्यू सलेमनः

ऐडी माबो की मृत्यु के पाँच महीने बाद¸ आस्ट्रेलिया के उच्च न्यायलय ने निर्णय दिया कि जब ब्रिटेन द्वारा आस्ट्रेलिया में अपनिवेशण हुआ¸ तब भी स्वदेशी लोग यहाँ से लगातार संबंधित थे, इसलिए स्वदेशी लोगों को अपनी पुरानी भूमि से संबंध रखने की अनुमति है।

समाचार प्रस्तुतकर्ताः

"और अंततः आज¸ २०० वर्ष बाद सफेद नस्ल के लोगों द्वारा बनाए गए आस्ट्रेलियाई कानून ने यह माना है कि कभी यह महाद्वीप ऐबोरजीनी लोगों का था। केनबेरा में आज उच्च न्यायलय ने निर्णय दिया कि टोरस स्टरेट में मुररे द्वीप के निवासियों का इस भूमि पर उपाधि प्राप्त करने का अधिकार है।"

स्यू सलेमनः

उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण माबो निर्णय के १८ महीनों बाद राष्ट्रमंडल सरकार ने १९९३ में 'नेटिव टाईटल लेजिसलेशन' को स्वीकृति प्रदान की।

संसदः

"प्रस्ताव के पक्ष में ३४ तथा विपक्ष मे केवल ३० वोट होने के कारण संसद प्रस्ताव को अपनी स्वीकारोक्ति देता है।"

संवाददाताः

"संसद में बैठे दर्शक यह सुनकर सांसदों के सम्मान के लिए झुक गए तथा सभी सांसदों ने एक-दूसरे को गले लगा लिया। आज यह बिल दूसरे सदन में भेज दिया जाएगा और फिर इसे राजसी अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा जिससे यह प्रस्ताव देश का एक कानून बन जाएगा।"

स्यू स्लेमनः

माबो निर्णय तथा 'नेटिव टाईटल ऐक्ट' ऐतिहासिक निर्णय थे और जब राष्ट्रीय राजधानी में सन् २००१ केनबेरा में नए राष्ट्रीय संग्रहालय का उद्घाटन हुआ तब इन कानूनों को 'गेलेरी आफ फर्सट आस्ट्रेलियनस' में सम्मिलित किया गया...

फ़्रांचेस्का क्यूबिलोः

"'गेलेरी आफ फर्सट आस्ट्रेलियनस' की बात करने से पहले हमें समय के साथ चलने वाले इतिहास पर एक नज़र डालनी चाहिए जिसमें माबो निर्णय आस्ट्रेलिया के इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। यह निर्णय केवल टोरस स्टरेट द्वीप के लोगों के लिए ही नहीं बल्कि आस्ट्रेलिया की सम्पूर्ण स्वदेशी समुदायों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय था। इसलिए हम आस्ट्रेलिया की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अवधियों के वर्णन में स्वदेशी तथा दूसरे लोगों को भी सम्मिलित करते हैं।"

स्यू सलेमनः

उत्तरी आस्ट्रेलिया के 'लरराकिया समुदाय' से आए फ़्रांचेस्का क्यूबिलो 'गेलेरी आफ फर्सट आस्ट्रेलियनस' के अध्यक्ष हैं...यह संग्रहालय का सबसे बड़ा नव-प्रदर्शन है।

फ़्रांचेस्का क्यूबिलोः

"हम 'गेलेरी आफ फर्सट आस्ट्रेलियनस' में प्रवेश करते ही लोगों को एक अच्छा अनुभव करवाने का प्रयत्न करते हैं। इसका संबंध स्वदेशी लोगों के यहाँ आने वाले लोगों के जीवन में कुछ समय के लिए किए गए प्रवेश से है। यहाँ पर एक स्वागत¸ एक स्वीकृति की भावना होती है कि आप किसी और देश में खड़े हैं तथा इस गेलेरी में आने पर आपको एक विभिन्न देश के प्राकृतिक दर्शन का अनुभव होगा। ऐसा करने के लिए हम 'स्मोकिंग समारोह' का आयोजन करते हैं। 'स्मोकिंग समारोह' का प्रचलन आस्ट्रेलिया के अधिकतर सभी स्वदेशी समुदायों में पाया जाता है। यह रिवाज़ स्वच्छता तथा स्वागत के लिए किया जाता है। इसलिए गेलेरी में चिन्हों का प्रयोग नहीं किया गया¸ आपको सिर्फ एक अलग दुनिया में प्रवेश का अनुभव करवाया जाता है¸ संगीत¸ ऐबोरजीनी तथा टोरस स्टरेट द्वीप के लोगों का नृत्य और फिर केनबेरा के 'नगुन्नवाल समुदाय' ऐबोरजीनी लोगों द्वारा स्वागत। हम विभिन्न प्रकार के ऐबोरजीनी लोगों की संस्कृतियों को दर्शाते हैं¸ उनके सपने¸ उनका राक आर्ट तथा उनकी शिल्पकृतियाँ। तथा हम लोगों को यह शिक्षा प्रदान करने का प्रयत्न करते हैं कि ऐबोरजीनी तथा टोरस स्टरेट द्वीप के लोगों का इतिहास तथा आध्यात्मिक ज्ञान विदेश से आए प्रवासियों से अलग है।

स्यू सलेमनः

यहाँ पर बहुत उच्च-तकनीकी प्रदर्शन किया जाता है¸ मैंने देखा कि बच्चे उच्च-तकनीकी मिडिया परदों के आगे नृत्य कर रहे थे तथा उनका एवं स्वदेशी संस्कृति का परिचय इन परदों पर दिखाऐ गए चित्रों की सहायता से किया जाता है जो कि अत्यन्त प्रभावशाली होता है?

फ़्रांचेस्का क्यूबिलोः

बिल्कुल¸ यह एक पारस्परिक बहुमुखी माध्यम है तथा इससे बहुत अच्छा अनुभव होता है। यहाँ लगे 'सेनसरी पैडस' से परदे पर हो रही गति तथा साथ में सुनाई देने वाले गीतों का आह्वान होता है। यह बहुत रोचक होता है क्योंकि आप इन परदों के सामने बड़ों को चलते हुए तथा बच्चों को कूदते हुए बिना कुछ महसूस किए देख सकते हैं। इसलिए बच्चे बहुत जल्द ही इस वातावरण में घुल-मिल जाते हैं। पारम्परिक धुनों के साथ सम्मिलित सम्कालीन अभिनेता तथा उच्च-तकनीकी संगीत यह दर्शाने का एक तरीका है कि आज भी स्वदेशी संस्कृति इतिहास के पन्नों में ही नहीं बल्कि वर्तमान में भी जीवित है।"

स्यू सलेमनः

हालांकि भूमि अधिकार कानून आस्ट्रेलिया के दो राज्यों-उत्तरी क्षेत्र तथा दक्षिणी आस्ट्रेलिया में पहले से ही थे¸ १९९३ के माबो मुकदमे में बने 'नेटिव टाईटल ऐक्ट' से स्वदेशी समुदायों का रास्ता अपने देश के अन्य स्थानों में भी अपने पारम्परिक अधिकारों की समानता तथा सुरक्षा की माँग के लिए खुल गया।

ग्राएम नेएट नेश्नल नेटिव टाईटल ट्रीब्यूनल के अध्यक्ष हैं।

ग्राएम नेएटः

"हमने टोरस स्टरेट के कुछ सौ वर्ग मीटर से लेकर पश्चिमी आस्ट्रेलिया के ५० हज़ार वर्ग मीटर तक ३० नेटिव

टाईटल प्रदान किए हैं। इनमें से दो-तिहाई से तीन-चौथाई फैसले सरकार¸ नेटिव टाईटल वाले लोगों तथा अन्य लोग जैसे कि पुरोहितों तथा चरवाहों के बीच हुई सहमति से किए गए हैं।"

स्यू सलेमनः

लेकिन पश्चिमी आस्ट्रेलिया तथा क्वीनसलैंड के बाहर के उन असफल नेटिव टाईटल प्रार्थियों के बारे में क्या किया गया है? जबकि आपका कहना है कि माबो के बाद से पिछले १० सालों में सबसे अधिक सफल नेटिव दावे हुए हैं। सपष्टतया¸ यह उन ऐबोरजीनी लोगों के लिए बहुत कठिन है जिन्हें उनकी भूमि से अलग कर दिया गया है तथा जो न्यायालय में साबित नहीं कर सकते कि वे अपनी भूमि से लगातार जुड़े हुए हैं?

ग्राएम नेएटः

"बिल्कुल¸ वास्तविक रूप में दक्षिणी पूर्व आस्ट्रेलिया के स्वदेशी लोगों के लिए अपने अधिकारों की माँग करना बहुत ज़्यादा कठिन है¸ ब्रिटिश राज के यहाँ आने के बाद से इन लोगों के लिए स्वंय को अपनी पुरानी भूमि से जोड़ना बहुत मुश्किल हो गया है। आजकल¸ मुररे नदी के पास के लोगों के 'योरटा योरटा' लोगों का मुकदमा आस्ट्रेलिया के उच्च न्यायालय में चल रहा है¸ यह लोग साबित करने का प्रयत्न कर रहे हैं कि १००-२०० वर्षों से परिस्थितियों में हो रहे ऐतिहासिक तथा सामाजिक परिवर्तन के बाद भी वे अपने पहले स्थान से जुड़े हुए हैं।"

स्यू सलेमनः

ज़्यादातर यह कबीलों के लोग होते हैं जिन्हें उनकी भूमि से बहुत दूर कर दिया गया था और अब उन्हें लगता है कि उनकी लड़ाई कानून व्यवस्था से है जो उनसे उनकी भूमि से जुड़े हुए होने का प्रमाण माँगती है?

ग्राएम नेएटः

"बिल्कुल¸ सभी दलों के लिए यह संबन्ध स्थापित करना अनिवार्य होता है जिसे कानूनी भाषा में प्रमाण प्रस्तुत करने का दायित्व कहते हैं जिससे वे न्यायाधीष तथा अन्य दलों को यकीन दिलवा सकें कि उनके द्वारा माँगे गए क्षेत्र पर उनका अधिकार है। वास्तविक रूप में यह बहुत कठिन है उन लोगों के लिए जो पीढ़ियों पहले अलग कर दिए गए थे तथा उनके लिए जो ज़बरदस्ती देश के किसी और भाग में भेज दिए गए थे। यह कानून अभी भी अस्पष्ट है कि एक स्थान पर रहने वाले लोगों या फिर उस स्थान से अलग हो जाने के बावजूद भी वहाँ कि पहचान बनाए रखने वाले लोगों में से किस दल का अधिकार ज़्यादा महत्वपूर्ण है। इस बात को प्रमाणित करते हुए राष्ट्रमंडल सरकार ने कुछ वर्ष पहले 'इंडिजीनस लैंड कारपोरेशन' का गठन किया जिसे संघ की ओर से धन-राशि दी जाती है जो उन दलों की ओर से ज़मीन खरीद सके जो अपना नेटिव टाईटल अधिकार स्थापित नहीं कर पाते या फिर वे लोग जो इतिहास में भूमि पर अपना अधिकार खो चुके हैं परन्तु फिर भी उन्हें एक समुदाय होने के नाते भूमि के स्वामित्व की ज़रूरत है। सभी लोगों की केवल अपनी भूमि से ही पहचान होती है¸ हर दल की हर भूमि से नहीं बल्कि केवल अपनी भूमि से ही पहचान होती है और नेटिव टाईटल विवाद का यही मुख्य केन्द्र है। स्वदेशी भूमि से संबन्धित न्यायिक विषयों को विभिन्न प्रकार की सरकारों ने पिछले कई दशकों में अलग-अलग तरीकों से सुलझाने का प्रयत्न किया है।"

स्यू सलेमनः

माबो फैसले को सन् २००२ में १० वर्ष पूरे हुए और ऐडी माबो के परिवार के सदस्यों को राष्ट्रीय मेल-मिलाप सप्ताह के लिए मेलबर्न में आमंत्रित किया गया।

परिचय करवाने वाले व्यक्तिः

"मैं बस यहाँ पर बुनारोंग या ग्रेटर कुलीन क्षेत्र से आई केरोलाइन ब्रिग्गस का परिचय करवाने के लिए उपस्थित हूँ।

केरोलाइन ब्रिग्गसः

"इस देश की पारम्परिक स्वामिनी होने के नाते मैं आपका इस भूमि पर स्वागत करती हूँ¸ वह भूमि जो बुनारोंग लोगों की विशाल खाड़ी में स्थित है। आज ऐतिहासिक माबो फैसले की वर्षगाँठ है और इस अवसर पर मैं विशेष स्वागत करना चाहूँगी ऐडी माबो की पत्नी बेनीता माबो¸ पेडरो स्टीफन्स और वोन्गाए संस्था का। मुझे अहसास है कि इस ऐतिहासिक फैसले को जीतने के लिए कितने बल¸ मेहनत तथा बलिदान की आवश्यकता पड़ी होगी। इसलिए आज हमें अपने विशेष अतिथियों का स्वागत करने में गर्व महसूस हो रहा है।"

स्यू सलेमनः

केरोलाइन¸ आप कह रहीं थीं कि टोरस स्टरेट द्वीप वासियों से आपका पारिवारिक संबन्ध है?

केरोलाइन ब्रिग्गसः

मेरा संबन्ध मेरे पुत्र के कारण है जिसने टोरस स्टरेट द्वीप के डारन्ले या ईरब क्षेत्र की लड़की से विवह किया है¸ मेरी चार सुन्दर पोतियाँ हैं जो अपनी भाषा जानती हैं¸ अभी भी अपनी तथा मेरी संस्कृति से जुड़ी हैं। मेरी बेटी से मेरे नाती के कारण मैं विराडजेरी लोगों से भी जुड़ी हुई हूँ।

स्यू सलेमनः

तो उत्तरी आस्ट्रेलिया से टोरस स्टरेट से दक्षिणी मेलबर्न से विदेश में हमारे श्रोतागण¸ आप भी अपनी भूमि¸ संस्कृति तथा भाषा से जुड़े होंगे?

केरोलाइन ब्रिग्गसः

यह सही है¸ यह भी हमारी यात्रा की तरह है¸ वर्तमान पीढ़ी की यात्रा¸ हम एक बार फिर इतना जुड़ गए हैं कि हम अपने देश से बाहर के लोगों से विवाह करते हैं। हमारे लोगों के साथ आज ऐसा हो रहा है।"

स्यू सलेमनः

हालांकि स्वदेशी समुदाय तथा उनके समर्थक सम्पूर्ण आस्ट्रेलिया में सन् २००२ में ऐतिहासिक माबो फैसले के १० वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं¸ कई स्वदेशी समुदाय न्यायालों में नेटिव टाईटल की माँग की लड़ाई में व्यर्थ हो रहे पैसे तथा समय से कुंठित हैं।

माबो फैसले के तीन वर्ष बाद¸ उच्च न्यायालय ने केप योर्क के विक लोगों के एक भूमि दावे पर दिए गए फैसले में कहा कि नेटिव टाईटल के साथ-साथ 'पेस्टोरल लीज़' भी लागू की जा सकती है।

इसके बाद कई दावे हुए कि ऐसा होने पर किसी की भी ज़मीन सुरक्षित नहीं रहेगी और १९९८ में राष्ट्रमंडल सरकार ने नेटिव टाईटल ऐक्ट में संशोधन किया जिसके अनुसार 'पेस्टोरल लीज़' की तुलना में स्वदेशी भूमि दावेदारों की माँगों को रद्द कर देने को मंज़ूरी दी गई।

मध्य २००२ में पश्चिमी आस्ट्रेलिया में एक स्वदेशी समुदाय ने भूमि अधिकार की माँग की जिसके उपरान्त उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि खानों की खुदाई तथा तेल के क्षेत्र में हुए इजारे की स्थिति में भी नेटिव टाईटल अधिकारों को रद्द कर दिया जाएगा।

हालांकि नेटिव टाईटल वालों को शिकार तथा मछली पकड़ने का अधिकार दिया गया था¸ उस भूमि पर उनका कोई अधिकार नहीं था।

समाचार प्रस्तुतकर्ताः

"नवीनतम नेटिव टाईटल मुकदमे में उच्च न्यायालय के फैसले ने ऐबोरजीनी लोगों को एक बार फिर उक्साया है कि वे न्यायपालिका के स्थान पर राजनीति के माध्यम से विजय हासिल करने का प्रयत्न करें। 'मिरूवंग गजएरोंग' फैसले में उच्च न्यायालय ने घोषित किया कि 'पेस्टोरल' तथा 'मिनरल' लीज़ के साथ नेटिव टाईटल भी लागू किए जा सकते हैं परन्तु नेटिव टाईटल वाले लोगों का इस भूमि पर कोई अधिकार नहीं होगा।"

एह मतः

"मेरे विचार से नेटिव टाईटल की माँगों पर इस देश में कुछ ज़्यादा ही पैसा व्यर्थ किया जाता है।"

स्यू सलेमनः

रिची एह मत¸ प्रबंधक अध्यक्ष¸ केप योर्क लैंड काउन्सिल। रिची ने 'अधूरे कार्य' पर मेलबर्न में हुए एक सम्मेलन में कहा कि अब स्वदेशी समुदायों को उच्च न्यायालयों से भूमि अधिकार प्राप्त करने की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए।

रिची एह मतः

"आप जानते हैं कि अक्सर लोग कहते हैं कि इस ब्लैक व्यक्ति को यह मिलता है¸ उस ब्लैक व्यक्ति को वह मिलता है। लोगों को समझना होगा¸ जैसे कि मैंने पहले एक उदाहरण दिया था कि आप सरकार¸ पेस्टोरलिस्ट या अन्य लोगों के साथ समझौता कर सकते हैं परन्तु यदि आप मुकदमा करेंगे तो कभी भी फैसला नहीं होगा क्योंकि कोई भी झुकने को तैयार नहीं होगा। इसलिए समझौता करना ही इस समस्या का सबसे सस्ता एवं सरल उपाय है।

स्यू सलेमनः

ए टी एस आई सी के अध्यक्ष जेफ़ क्लार्क का कहना है कि सरकार को इस विषय में भाग नहीं लेना चाहिए¸ हमारे लिए बेहतर यही होगा कि ऐबोरजीनी लोग और पेस्टोरलिस्ट¸ माईनरस तथा किसान एक साथ बैठ कर समझौता कर लें। क्या आपके अनुभव के अनुसार भी यही एकमात्र रास्ता है?

रिची एह मतः

बिल्कुल¸ स्वदेशी लोगों के नज़रीए से ऐसा होना चाहिए कि माईनिंग कम्पनी¸ पेस्टोरलिस्ट¸ फिशिंग उद्योग तथा अन्य सभी उद्योगों के लोग एक साथ बैठ कर बातचीत करें और फिर सरकार को अपना समझौता सुनाकर सरकार से उस समझौते को लागू करने को कहें।"

स्यू सलेमनः

आज तक केवल ३० नेटिव टाईटल मुकदमों के ही फैसले हुए हैं तथा अभी भी ६०० मुकदमों पर फैसला होना है¸ रिची एह मत का ईशारा कोमालको माईनिंग कम्पनी के साथ सन् २००१ में हुए समझौते¸ 'पश्चिमी केप योर्क समुदाए को-एग्ज़्स्टेंस समझौते' की ओर है जो समझौते के द्वारा इस समस्या को सुलझाने का एक अच्छा उदाहरण है।

सेवानिवृत्त पेस्ट्रोलिस्ट केमिला काओली ने 'अधूरे कार्य' सम्मेलन में कहा कि एक-एक व्यक्ति के योगदान से भी सुधार हो सकता है।

उन्होंनें यह कार्य १९९६ में आरम्भ किया था जब 'गुनगारी' लोगों ने उनके परिवार की भेड़ों¸ गाय-बैलों तथा दक्षिणी पूर्व क्वीनसलैंड की सम्पत्ति 'नोर्थ यांचो' पर नेटिव टाईटल का दावा किया।

केमिला काओलीः

"हमने गुनगारी लोगों से सम्पर्क किया क्योंकि हम जानना चाहते थे कि वे कौन हैं तथा कहाँ रहते हैं तथा जो भूमि पिछले २२ वर्षों से हमारी है¸ उस भूमि से उनका क्या संबन्ध है। हमने यह स्थान जिससे खरीदा था¸ उन्होंने हमें बताया था कि जब उन्होंने यह भूमि १९१२ में ली थी तब भी यहाँ कोई नहीं रहता था। वे लोग हमारे साथ बातचीत करने के लिए तथा हमें अपने इतिहास के बारे में बताने के लिए तैयार हो गए थे। आन्टी ईथल ने हमें यहाँ आने पर कहा कि वे अपनी प्राचीन पीढ़ियों के लोगों की उपस्थिति को यहाँ पर महसूस कर सकती हैं परन्तु वे किस समुदाय के हैं¸ वे नहीं जानती। कुछ महीनों बाद उन्हें अपनी दादी के कुछ प्रलेख मिले¸ इनके अनुसार उनकी दादी का जन्म नोर्थ यांचो में हुआ था और वे बहुत प्रसन्न थीं कि वे अपने ही लोगों की उपस्थिति को महसूस कर रहीं थीं। और फिर इन लोगों के एकत्रित होने का कार्यक्रम १९२० तथा १९३० के दशकों में प्रारम्भ हो गया। हालांकि 'नोर्थ यांचो' के लोगों ने बरसों पहले यहाँ रहना छोड़ दिया था। मैंने इन सब लोगों को सुनने के बाद यह जाना कि बुज़ुर्ग लोगों को ४० से ५० वर्षों से यहाँ नहीं रहने के बावजूद भी यहाँ के बारे में हम लोगों से अधिक जानकारी थी। वे इस धरती से जुड़ी कई कहानियाँ जानते थे। एक बुज़ुर्ग महिला¸ आन्टी रूबी ने मुझसे पूछा कि क्या अभी भी यहाँ पर संदल की लकड़ी उगती है? फिर उन्होंने मुझे सम्पूर्ण इलाके का विवरण दिया जब वे स्मोकिंग उत्सव के लिए चंदन एकत्रित करतीं थीं¸ उन्हें इस स्थान से निकाले जाने से पहले का अंतिम स्मोकिंग समारोह भी याद था¸ उन्हें 'चेरबर्ग' भेज दिया गया था। यह आस्ट्रेलिया के लिए शर्म की बात है कि हमें पुराने लोगों को खोज कर अपने इतिहास के बारे में जानकारी हासिल करनी पड़ती है¸ मेरा मतलब है कि हमें अपने इतिहास के बारे में मालूम होना चाहिए।

स्यू सलेमनः

हम समझते हैं कि स्वदेशी लोग अपने देश से आध्यात्मिक रूप से जुड़े हैं¸ वे इस स्थान को अच्छे से पहचानते हैं। क्या आप हमें बता सकती हैं कि क्या आपने तथा आपके परिवार ने आन्टी रूबी तथा आन्टी ईथल की बातें सुनने के उपरान्त नोर्थ यांचो को अलग नज़रीए से देखना शुरू कर दिया था?

केमिला काओलीः

'बाड़ वाले देश' के नाम से प्रसिद्ध क्षेत्र नोर्थ यांचो का सबसे सुन्दर भाग है¸ गुनगारी लोगों के भूमि पर दावे के बाद उन लोगों से बातचीत करने पर मालूम हुआ कि इस भाग में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 'बाड़ वाले देश' का पानी गुनगारी लोगों के ऊपरी क्षेत्र से शुरू होता है। अंकल गोरडोन तथा अन्य लोगों की अजीब बातें सुनकर लगा कि हम कबीलों वाले ऐबोरजीनी आस्ट्रेलिया के बारे में कुछ भी नहीं जानते थे। अंकल गोरडन ने मुझे बताया कि वे लोग हमारी तरह एक साथ दलों में नहीं रहते थे। वे मौसम के अनुसार विभिन्न भागों में रहते थे¸ नेटिव टाईटल पर विवाद के दौरान कई सफेद नस्ल के लोगों से मुझे मालूम हुआ कि जब बहुत वर्ष पहले वे यहाँ आए थे¸ तब उन्हें यहाँ पर बहुत सारी ऐबोरजीनी शिल्प-कृतियाँ प्राप्त हुईं थीं और फिर भी ऐबोरजीनी लोगों को उनके अधिकार न दिए जाने की बात की जाती है। आन्टी ईथल तथा आन्टी रूबी की बातें सुनकर मुझे लगा कि वर्षों से मैं उस घर में रहती आई हूँ जिसके नीचे हज़ारों वर्ष पुरानी शिल्प-कृतियाँ मिल सकती हैं। फिर उस सम्पत्ति के बीच घूमते हुए¸ उन भेड़ों तथा उस प्राकृतिक दृश्य को देखकर मैं कल्पना कर रही थी कि गुनगारी लोग किस प्रकार यहाँ घूमते होंगे तथा किस प्रकार उसका प्रयोग करते होंगे। इन कहानियों में से ही एक का प्रयोग हमने अपने 'को-एग्ज़ीस्टेंस' प्रलेख में इस्तेमाल किया¸ यह बहुत अदभुत था।"

स्यू सलेमनः

केमिला काओली के परिवार ने अपनी १२०० ऐकड़ ज़मीन सरकार को एक प्राकृतिक रिज़र्व के रूप में उस भूमि के पारम्परिक गुनगारी लोगों को मान्यता देने के लिए प्रदान कर दी।

मेल मिलाप को बढ़ावा देने के लिए गुनगारी लोगों ने वहाँ पर स्वदेशी तथा अन्य बच्चों के लिए एक कार्यक्रम प्रारम्भ किया है¸ इस कार्यक्रम में बच्चों को कहानियाँ सुनाई जाती हैं तथा उन्हें 'बुशक्राफट' सिखाया जाता है।

(संगीतः पॉल केली की ऐलबम 'विन्टर ड्रीमिंग- अ कोनसर्ट फोर रीकन्सीलिएशल में से फरोम लिटल थिंग्स¸ बिग थिंग्स ग्रो)

आज का 'वर्तमान आस्ट्रेलिया' यहाँ पर समाप्त होता है-तकनीकी निर्देशन के लिए रयान ईगन को धन्यवाद। अगले सप्ताह मुझे फिर मिलें¸ 'जंगल से खेतों की ओर' में¸ इस कढ़ी में हम आस्ट्रेलिया के भूमि प्रबन्ध तथा भूमि की देखरेख के विषयों पर चर्चा करेंगे।