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आस्ट्रेलिया इंडिया काऊन्सिल के सहयोग के द्वारा ।

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कार्यक्रम ६- कहाँ हैं आस्ट्रेलिया में काम

:: अंग्रेज़ी में सुनिए - विनडोज़ मिडिया प्लेएर : मिडिया-संबंधित सहायता

(संगीत : ब्रोडरिक स्मिथ के एलबम सांग्स ऑफ फादर एंड चाइल्ड से माई फादरस हैंडस)

स्यू सलेमन :

नमस्कार - वर्तमान आस्ट्रेलिया के लिए आपके साथ है स्यू सलेमन । आज का हमारा कार्यक्रम है : कहाँ हैं आस्ट्रेलिया में काम ......

दूसरे विश्व युद्ध के बाद की लंबी तेज़ी के पश्चात 1990 का दशक आर्थिक वृद्धि के लिए आस्ट्रेलिया का सबसे अच्छा दशक था ।

90 के दशक में आस्ट्रेलिया की जनसंख्या का प्रति व्यक्ति उत्पादन समूचे पश्चिम की तुलना में तेजी से बढ़ा और मुद्रास्फीति तथा ब्याज दरें 30 वर्षों के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गयी ।

वर्ष 2001 से 2002 के राष्ट्रीय लेखे यह बताते हैं कि आस्ट्रेलिया का उत्पादन जनसंख्या के प्रति व्यक्ति पर 2.8 प्रतिशत से बढ़ा - और इन दिनों - उत्पादन जितना विनिर्माण की गई वस्तुओं से संबंधित है उतना ही कम्प्यूटर से भी ।

आस्ट्रेलिया में हर साल कम्प्यूटर से जुड़े उद्योग रोज़गार के 15 हज़ार नए अवसर पैदा कर रहे हैं जबकि किसी अन्य ओईसीडी देश की तुलना यहाँ उत्पादन तथा रोज़गार में विनिर्माण की हिस्सेदारी कम हुई है : साठ के दशक में 28 प्रतिशत से 2001 में साढ़े 11 प्रतिशत ।

केविन ओ कोनर - "यदि आप बाहरी उपनगरों को देखने के लिए पैदल चलें अथवा गाड़ी से जाएं, तो 25-30 वर्ष पहले बाहर आपको विशेष आकार की छत वाले बहुत बड़े स्थल दिखते और आप कहते कि ये फैक्ट्रियां हैं । आज उनमें से कुछ आपको दिख जाएंगे, फिर भी अधिक महत्वपूर्ण यह है कि आपको अक्सर शीशे की दीवारों तथा उनके आगे बगीचे वाले बहुत सारे छोटे मकान भी दिखेंगे । आप वास्तव में उन्हें ऑफिस कह सकते हैं पर उनके भीतर आप लोगों को उत्पादों का डिज़ाइन बनाते हुए, कुछ को कम्प्यूटर साफ्टवेयर पर कार्य करते हुए, कुछ ऐसे भी है जो दूसरी तरह के उत्पादनों के बाद में निर्माण के लिए उत्पादन प्रक्रिया में सहायता कर रहे होंगे ।"

स्यू सलेमन :

केविन ओ कोनर एक भूगोलवेत्ता है जिन्होंने "आस्ट्रेलियास चेन्जिंग इकोनोमिक जियोग्राफी" नामक एक पुस्तक को किसी अन्य लेखक के साथ मिलकर लिखा है । कम्प्यूटर संबंधी उद्योग, जो " नई अर्थव्यवस्था " की विशेषता है, शहर के केन्द्रीय व्यापार क्षेत्र या सी.बी.डी. में नहीं बल्कि आस्ट्रेलिया के सबसे बड़े शहर सिडनी तथा इसके दक्षिणी प्रतिद्वंदी मेलबर्न के उपनगरीय आवासीय किनारों में पाए जाते हैं......

केविन ओ कोनर :

नई अर्थव्यवस्था की एक भौगोलिक विशेषता इसकी गतिविधियों के एक स्थान पर इकट्ठा होनी की शक्ति है, विशेषकर कम्प्यूटर उद्योग तथा दूरसंचार उद्योग की । और वैश्विक स्तर पर इसका प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय उदाहरण सिलिकॉन वैली का हो सकता है, आप इसी तरह का एक जमावड़ा लंदन के बाहरी भाग, इसी तरह के जमावड़े पेरिस के दक्षिणी भाग, इसी तरह का एक जमावड़ा दक्षिण जर्मनी में देख सकते हैं। इन गतिविधियों के एक-दूसरे के पास स्थित होने की आवश्यकता या इच्छा होती है क्योंकि वे एक दूसरे के श्रमिक बाँटते हैं, एक दूसरे से अपना कार्य करवाते हैं । इसलिए जब कम्प्यूटर उद्योग आस्ट्रेलिया में आया तथा पहले पहल विकसित हुआ तो शुरू में इसके उत्तरी सिडनी तथा मेलबर्न में सेंट किल्डा रोड, जो सी.बी.डी. के किनारे पर है, में बढ़ने की प्रवृत्ति थी । यह एक ऐसा उद्योग था जो सी.बी.डी. के बीचों-बीच स्थापित नहीं हो सकता था क्योंकि इसके लिए किराया बहुत महँगा था और यह एक नया तथा बढ़ रहा उद्योग था । और सिडनी के मामले में यह लगभग उत्तर तक बढ़कर एक बड़ा गलियारा बन गया है तथा जिसमें मक्वॉरी विश्वविद्यालय तथा राइड शामिल है, जहाँ बड़ी संख्या में आई.टी., सूचना प्रबंधन, संचार की अंतर्राष्ट्रीय रूप से महत्वपूर्ण फर्म है । इस उद्योग की गतिविधियां मेलबर्न में थोड़ी कम है परंतु सेंट किल्डा रोड़ में इसका एक बड़ा जमावड़ा है तथा कुछ दक्षिण पूर्वी उपनगरों में एक छोटा जमावड़ा उभर रहा है । "

स्यू सलेमन :

मैं मेलबर्न के दक्षिण-पूर्वी उपनगरों में इन उच्च तकनीक वाले जमावड़ों में से एक को देखने गई जहाँ मेरी मुलाकात एलेक्स कुहन से हुई । एलेक्स उस पढ़ी-लिखी हुई डिजीटल पीढ़ी का प्रतीक है जो नई अर्थव्यवस्था में अच्छे रोज़गार पाने की आशा कर सकता है ।

वह स्विनबर्न विश्वविद्यालय से दूरसंचार इंजीनियारिंग तथा इंटरनेट टेकनोलॉजी और साथ ही कम्प्यूटर विज्ञान तथा इंजीनियारिंग में अपनी दोहरी डिग्री पूरी करने वाला है ।

एलेक्स कुहन :

" स्विनबर्न विश्वविद्यालय में स्कूल / उद्योग आधारित शिक्षा कार्यक्रम के द्वारा मैं वास्तव में हैलीपलेक्स नामक कंपनी के लिए कार्य कर रहा हूँ जिसने एक उच्च गति वाले आपटिकल नेटवर्क उपकरण का डिज़ाइन बनाया है और यह कंपनी वास्तव में इस समय एशिया के बाज़ार में अपने उत्पाद को बढ़ावा देने पर ध्यान दे रही है और मै इस समय कंपनी के साथ उनकी अपने उत्पादों को जारी किए जाने से पूर्व परीक्षण में सहायता तथा उनके आंतरिक नेटवर्क की देख-रेख का कार्य कर रहा हूँ ।

स्यू सलेमन :

और ये उत्पाद हैं, जिन्हें हम नए डिजिटल युग की पाइपलाइनें कह सकते हैं, वे पाइपलाइन जिनसे सूचना सफर करती है जैसे टेलीफोन तथा इंटरनेट ?

एलेक्स कुहन :

" हाँ, बिल्कुल सही कहा, काफी हद तक ऐसा है क्योंकि कंपनी इस प्रकार का एक उच्च-तकनीक वाला उपकरण बना रही है जो ऑपटिकल टेकनोलॉजी का उपयोग करके बहुत तेज़ गति से डेटा (आंकड़ों) को भेजा करता है और इस समय ऑपटिकल टेकनोलॉजी डेटा को भेजने का सबसे नवीनतम तरीका है । "

स्यू सलेमन :

अपने कई आस्ट्रेलियाई साथियों की तरह एलेक्स ने बचपन से कम्प्यूटर नहीं देखा था । वह कम्बोडिया में पैदा हुआ था और अपने परिवार के साथ एक बच्चे के रूप में आस्ट्रेलिया आया था ।

एलेक्स कुहन :

" 1995 में आस्ट्रेलिया आने से पूर्व जब मैं कम्बोडिया में था तो मुझे पता भी नहीं था कि कम्प्यूटर क्या होता है ? एक दिन मैंने एक फ्लापी डिस्क उठाई और उस को देखकर आश्चर्यचकित हुआ कि यह क्या है ? और वास्तव में मैने फ्लापी डिस्क का कवर निकाल दिया तथा उसके अंदर देखा और मुझे वास्तव में तब तक यह पता नहीं लगा कि यह क्या है जब तक कि मैं आस्ट्रेलिया आया और अंग्रेजी सीखना, स्कूल जाना शुरू किया। मैं अभी तक अपने आप को अर्ध-व्यावसायिक कहता हूँ।

स्यू सलेमन :

आप यहाँ बढ़े होने तथा पढ़ने के अपने अनुभव और आपके परिवार, जो यहाँ आया तथा जिनके लिए हम कह सकते हैं कि अपना जीवन फिर से प्रारम्भ करने, की तुलना में आपकी रोज़गार की संभावनाओं के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे ।

एलेक्स कुहन :

यह निश्चित रूप से सत्य है क्योंकि मेरे माता-पिता की तरह आस्ट्रेलिया आए सभी नए प्रवासी सबसे पहले तो अंग्रेजी बहुत कम जानते हैं और उनके पास इस देश में आवश्यक कौशल भी नहीं होते हैं । इसलिए कार्य करने के लिए विकल्प या तो फैक्ट्री में अथवा फार्म होता है जबकि मेरे जैसे छोटे बच्चे विश्वविद्यालय में पढ़ सकते हैं, यदि हमारा परिवार हमारी सहायता कर सके तो, यह आशा करता हूँ कि मुझे एक बेहतर भविष्य की ओर ले जाएगा । और इस सूचना युग में कुछ भी संभव है, इसलिए ... "

स्यू सलेमन :

और एलेक्स कुहन के पास नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर बनने की अभिलाषा को पूरी करने का हर एक मौका है ।

अस्सी के दशक के मध्य से कम्प्यूटर तथा प्रबंधकीय रोज़गार 30% से अधिक बढ़े हैं । परंतु यदि सही कौशल तथा शिक्षा वालों के लिए नए रोज़गार सामने आ रहे हैं तो कम कौशल वाले श्रमिकों के लिए युद्ध के बाद वाले वर्षों में तुरन्त मिलने वाला पूर्णकालिक फैक्ट्री रोज़गार को अब ढूंढ पाना बहुत मुश्किल है । आस्ट्रेलिया की रोज़गार वृद्धि अधिकतर पूर्ण कालिक की बजाए अंशकालिक कार्य में : स्थायी की बजाय अस्थायी रोज़गार में हुई है ।

एडेल मुरडोलो मेलबर्न में एक कार्यशील महिला स्वास्थ्य केन्द्र, एक गैर-सरकारी संगठन को संभालता है जो फैक्ट्रियों में कार्य कर रही महिलाओं, विशेषकर प्रवासी, को जानकारी तथा प्रशिक्षण देता है ।

एडेल मुरडेलो :

" विनिर्माण में हमारी एक ऐसी स्थिति है जहाँ कार्य-बल वास्तव में कम हो रहा है, यह आई.टी. और कई अन्य क्षेत्रों की तरह बढ़ता हुआ क्षेत्र नहीं है । और विशेषकर विनिर्माण में हम पाते हैं कि कई रोज़गार जिन्हें कम कौशल वाला कहा जाता है को बंद किया जा रहा है और सफेदपोश वाले तथा प्रबंधकीय रोज़गार बढ़ रहे हैं । इस तरह, यदि हम विशेष रूप से, ऐतिहासिक तथा वर्तमान दोनों रूप में, प्रवासी महिला जिसे अंग्रेजी भाषा अच्छी तरह नहीं आती तथा जिसे नए देश, नई प्रणालियों की स्थिति से भी निपटना पड़ता है, के लिए वास्तव में उपलब्ध रोज़गार के प्रकार के बारे में सोचें तो हम पाएंगे कि उनके लिए उपलब्ध रोज़गार हमारी जनसंख्या के कई अन्य लोगों के लिए उपलब्ध रोज़गार की तरह पर्याप्त नहीं है । "

(संगीत : एनसिंक का नो स्ट्रिंग्स अटैचड)

स्यू सलेमन :

एक बढ़ती हुई अनियंत्रित, बिना-यूनियन वाले श्रम बाज़ार में अब आस्ट्रेलिया की रोज़गार वृद्धि में 70% प्रतिशत से अधिक अस्थायी रोज़गार है और 1990 के दश्क मे पूर्णकालिक रोज़गार सभी नए रोज़गार का मात्र 25% है ।

यह आज के श्रमिकों के लिए अपने घर के आस्ट्रेलियाई सपने, जो कि युद्ध के पश्चात की पीढ़ी के लिए एक प्रतिमान था, को पूरा करने के लिए बैंक ऋण लेने को और भी मुश्किल बना देता है - आस्ट्रेलिया में पैदा हुए तथा बाहर से नए आए हुए, दोनों के लिए ।

एडेल मुरडोले :

" मैं सोचती हूँ कि यदि हम शुरूआत के लिए महान आस्ट्रेलियाई सपने को देखें जिसका मिथकशास्त्र यह है कि आप एक घर खरीदें और एक चौथाई एकड़ के ब्लाक में स्थापित हो जाएं, तो यह अब निश्चित रूप से कई लोगों की पहुंच के बाहर है । हम अब एक ऐसी स्थिति में है जहाँ एक लंबा पूर्ण-कालिक रोज़गार पाना बहुत मुश्किल है, लोग काफी अधिक हैं, और उनकी आशांए 60 के दशक की आशाओं से बहुत भिन्न हैं । मैं मानती हूँ कि आस्ट्रेलिया मंदी के दौर से गुज़रा है जब प्रवासी तथा आस्ट्रेलिया में पैदा हुए लोगों के लिए रोज़गार पाना कठिन था, परंतु एक बार जब वो रोज़गार पाने में कामयाब हो गए तो अक्सर ये काफी लंबी अवधि वाले रोज़गार थे जिनमें बेहतर स्थितियां, यूनियन बनाने की अधिक संभावना थी और निश्चित रूप से मेरे पिता की पीढ़ी के रोज़गार भले ही वे फैक्ट्री वाले थे, उसमे उन्हें स्वास्थ्य देख-रेख, अच्छा विश्राम तथा स्थायित्व के रूप में कुछ अच्छी स्थितियां मिली हुई थीं । मुझे यह कहना ही पड़ेगा कि भले ही प्रवासी समुदायों के मध्य लोगों की वास्तव में बड़े संसाधनपूर्ण तथा सांप्रदायिक होने की प्रवृति होती है और उनमें एक साथ मिलकर व्यवस्था करने की आदत भी होती है, इसलिए यदि कोई एक परिवार घर नहीं खरीद सकता तो कुछ परिवार अथवा कोई समुदाय मिलकर घर ले सकते हैं । परंतु अब परिवारों के लिए, विशेष रूप से फैक्ट्री श्रमिकों तथा ठेके पर सफाई का कार्य कर रहे लोगों के लिए, ऋण लेना काफी मुश्किल हो गया है क्योंकि उनके पास स्थायी रोज़गार नहीं है । और यहाँ एक बहुत असुरक्षित रोज़गार बाज़ार है तथा मैं सोचता हूँ कि बैंक इसे जानते हैं और यह लोगों के लिए अपने भविष्य की योजना बनाने, अगले कुछ वर्षों से अधिक लंबी अवधि की प्रतिबद्धताओं को शुरू करने को बहुत मुश्किल बनाता है । "

(संगीत : एनसिंक का नो स्ट्रिंगस अटैचड)

स्यू सलेमन :

मेलबर्न विश्वविद्यालय के भूगोलवेत्ता केविन ओ कोनर बताते हैं कि कम्प्यूटर तथा सूचना प्रौद्योगिकी से उत्पन्न रोज़गार तथा वैभव वास्तव में बहुत असमान है । विशेषकर सिडनी तथा मेलबर्न में अच्छे खासे वेतन वाले रोज़गार ग्रामीण तथा क्षेत्रीय आस्ट्रेलिया के उन भागों से जो आर्थिक प्रोत्साहन के साथ कार्य कर सकते हैं, मेल नहीं खाते ।

केविन ओ कोनर :

" जो हम देख रहे हैं वह 1950 तथा 1960 के दशक की परिस्थितियों के समान है जब खराब गुणवत्ता वाले विनिर्माण रोज़गार कम लागत वाले स्थलों, जो अक्सर देहात के शहर अथवा छोटे शहर थे, में स्थापित हुए और वास्तव में अच्छे रोज़गार बड़े शहरों में ही रह गए थे । मैं सोचता हूँ कि उसी प्रकार की घटना फिर हो रही है; सूचना प्रबंधन, आप क्या करने जा रहे हैं का निर्णय लेने, अगली परियोजना की योजना बनाने, क्रेता तथा विक्रेताओं से विचार-विमर्श करने जैसे वास्तव में अच्छे रोज़गार सिडनी तथा मेलबर्न में ही रह रहे हैं । सीधी अपार सूचना तथा नियमित कार्य की संख्या कम करके उसे आसानी से किसी छोटे शहर अथवा एडिलेड या होबर्ट जैसे किसी स्थान में लगाया जा रहा है और केन्द्रीय फोकस, इस प्रकार की गतिविधि का आम नाम कॉल सेंटर है, को दूर संचार प्रणाली का उपयोग करके ऐसे सरल कार्यों को किसी गैर-केन्द्रीय स्थल पर भेजा जाता है । "

स्यू सलेमन :

बड़े शहरों के बाहर, क्षेत्रीय तथा ग्रामीण आस्ट्रेलिया में लोग सोच रहे हैं कि वे अपने क्षेत्रों में नए रोज़गार उत्पन्न करने के लिए क्या कर सकते हैं ?

इसी बीच उन्होंने आस्ट्रेलिया के परंपरागत कृषि निर्यात (ऊन , गौ-मांस तथा गेहूँ) तथा साथ ही खनिज निर्यात के मूल्यों को आस्ट्रेलिया द्वारा आयात किए जाने वाले कम्प्यूटर तथा टी.वी. जैसे उन्नत उत्पादों की तुलना में कम होते हुए देखा है ।

इसे आश्चर्यजनक रूप से इस तथ्य से स्पष्ट किया जाता है कि आज एक टन कोयला आपके लिए लगभग दो सी.डी. या दो टन गेहूँ शायद एक मोबाइल फोन खरीद सकता है । ग्राहम एपथोर्प कोवरा, सिडनी के 300 किलोमीटर पश्चिम में स्थित एक क्षेत्रीय शहर, की शाइर परिषद में आर्थिक विकास प्रबंधक हैं ।

ग्राहम एपथोर्प :

"ओह, हम इस बारे में चिंतित हैं, यह कोई मीडिया द्वारा बढ़ा-चढ़ा कर कही गई बात नहीं है, मैं 31 वर्षों से स्थानीय सरकार में कार्य कर रहा हूँ और लगभग 15 वर्षों से आर्थिक विकास कार्य कर रहा हूँ और मैं इसे अपने आस-पास देख सकता हूँ । क्षेत्रीय इलाकों में कोई भी भूख से नहीं मर रहा है और निश्चित रूप से यह मामला नहीं है और शेष विश्व की तुलना में हम काफी अच्छा कर रहे हैं परंतु हम कई-कई क्षेत्रों में लगातार जनसंख्या को कम होता हुआ देख रहे हैं । जहाँ कहीं सकारात्मक वृद्धि है-यह एक प्रतिशत से कम है, यहां तक कि बेहतर क्षेत्र में भी यह लगभग डेढ़ प्रतिशत प्रति वर्ष है और हम देख रहे हैं कि पूर्ण-कालिक रोज़गार की संख्या कम हो रही है और मैं सोचता हूँ कि हम मूल्य वर्धन के अवसर नहीं देख पा रहे हैं, गौण उद्योगों का वह स्तर जो स्वयं ही इन क्षेत्रों से आ रही वस्तुओं का लाभ उठाने के लिए शहरों के भीतर ही बनाया अथवा जारी रखा जा रहा है । उत्पादन अब अच्छा कर रहे हैं, हमें सुअर के गोश्त का अच्छा मूल्य मिला है और भेड़ तथा मेमने की ऊन भी अच्छा कर रही हैं परंतु जब समय की एक लंबी अवधि में आप उत्पादन मूल्यों को देखें तो पाएंगे कि इन मूल्यों का औसत सामान्यत: काफी कम होता है । इसलिए हमें वास्तव में मूल्य वर्धन पर ध्यान देना, उन मूल्य वर्धन उद्योगों को बनाना, विद्यमान स्थानों को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना तथा क्षेत्र में नए उद्योगों को प्रोत्साहित करना शुरू करना होगा । "

स्यू सलेमन :

आस्ट्रेलिया की स्थानीय सरकार संस्था, नगर निगम, जो आस्ट्रेलियाई संघीय राजनैतिक तंत्र का तीसरा स्तर है, में कार्य कर रहे व्यक्तियों का प्रतिनिधित्व करती है ।

स्थानीय सरकार संस्था ने हाल ही में राष्ट्र की राजधानी केनबरा में आस्ट्रेलिया के संघीय राजनेताओं पर दबाव डालने के लिए इंस्टीटयूट ऑफ चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट से समझौता किया है । वे चाहते हैं कि राजनेता निवेश आकर्षित करने तथा रोज़गार वृद्धि के प्रोत्साहन के तरीके के रूप में आस्ट्रेलिया के लाभवंचित भागों में "उद्यम क्षेत्र " स्थापित करने पर विचार करें । वे मानते हैं कि इन "उद्यम क्षेत्रों " में स्थित अथवा विस्तार करने वाले व्यवसायों को कर में रियायत तथा ढाँचों के निवेश भत्ते दिए जाने चाहिए ।

ग्राहम एपथोर्प:

" यह स्थानीय सरकार, जिसके आस्ट्रेलिया में लगभग 850 के आस-पास प्राधिकारी है, द्वारा एक आधारभूत विकास है । और इंस्टीटयूट ऑफ चार्टर्ड एकाउन्टेंट के कुछ 35 हज़ार सदस्य हैं जो लगभग 800-हज़ार छोटे उद्योगों की सहायता कर रहे हैं । इस तरह हमने पाया कि हम समानांतर कार्य कर रहे थे और इस विशेष परियोजना के लिए जुड़ गए परंतु हमारा अनुभव यह था कि स्थानीय सरकार स्तर तथा व्यापार स्तर दोनों पर क्षेत्रीय इलाके हानि उठा रहे हैं और समान अवसर देने के लिए उन्हें थोड़े बहुत प्राथमिकता वाले व्यवहार की आवश्यकता है । और इसके लिए जो प्रधान तंत्र हमने देखा वह उद्यम क्षेत्र है और यह करों में छूट पर आधारित है जहाँ व्यापार में वास्तव में परिणाम निकलते हैं, उनसे नए निवेश होते हैं, नए रोज़गार मिलते हैं और ऐसा करने पर उन्हें फिर कर में छूट का ईनाम दिया जाता है । आस्ट्रेलिया में कर लगाने वाली मुख्य शक्ति संघीय सरकार है और हम संघ सरकार की ओर इस दिशा में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए देख रहे हैं जो राज्य सरकार की भागीदारी के साथ कुछ करों में सहायता कर सकती है तथा अधिकतर राज्यों में वेतन कर है और निश्चित रूप से स्थानीय सरकार के पास नए व्यापार विस्तार में भार को कम करने की क्षमता है ।

स्यू सलेमन :

इस तरह से क्या यह खतरा नहीं है कि सरकारी सहायता अथवा कर में छूट के बावजूद व्यापार जब दुष्कर स्थिति में होगा तो सरकार को चाहे वह संघीय या राज्य अथवा स्थानीय क्षेत्र की हो, बाहर चले जाने की धमकी देगा । और क्या हमने ऐसा पहले होते हुए नहीं देखा है कि कंपनियाँ अधिकतर बेहतर कर छूट तथा सस्ते श्रमिक की तलाश में बाहर जाती हैं और जाएंगी ?

ग्राहम एपथोर्प :

" यही मामला है, मैं सोचता हूँ कि वर्तमान में यह आस्ट्रेलिया में फिल्म उद्योग के साथ हो रहा है । निश्चित रूप से कई कंपनियां वहाँ से विलुप्त हो रही हैं । उद्यम क्षेत्र की पूरी प्रणाली पारदर्शी तथा सरल होनी चाहिए और कोई भी उसे दस्तावेज़ उठाकर समझ पाने में समर्थ होना चाहिए परंतु कर छूट की प्रणाली का पारदर्शी होना आवश्यक है । व्यापार द्वारा लिए जा सकने वाले कोई भी लाभ पारदर्शी होने चाहिए । हम जो अब देखते हैं , विशेषकर राज्य सरकार के साथ, कि वे किसी क्षेत्रीय मुख्यालय को किसी प्रमुख शहर में लाने के लिए बंद दरवाजों के पीछे आपसी सौदेबाजी करते हैं । परंतु लोगों को सही तरह से पता नहीं होता कि क्या चल रहा है, उन्हें दिए जा रहे प्रोत्साहनों के बारे में भी पूरा पता नहीं होता और आप सही कह रहे हैं कि वे वहाँ से बाहर जा सकते हैं, इसकी कोई गारंटी नहीं होती और मुख्यत: निवासियों को पता नहीं होता कि किस रोज़गार का वचन दिया गया था और क्या कंपनी ने वे रोज़गार दिए हैं । उद्यम क्षेत्र प्रणाली जैसा कि हमने इसे अमरीका में पाया है एक बहुत पारदर्शी प्रणाली है और कागज़ी कार्रवाई समझने में सरल तथा व्यापार के लिए रोज़गार उत्पन्न करने, निवेश के नए स्तर बनाने, स्थानीय मशीनरी का उपयोग करने, वहीं के कच्चे माल के भंडार का प्रयोग करने के लिए बहुत मज़बूत परस्पर बाध्यता होती है और जब वे ये चीजें करते हैं तथा उनके द्वारा इन उद्दश्यों को प्राप्त किया जाते हुए देखा जाता है तो उन्हें लाभ होता है । यह उन व्यापारों को इन मदों को अपने आगे के प्रक्षेपणों तथा व्यापार योजना में लिखने की अनुमति देता है और यह भी आवश्यक समझा जाता है कि उस क्षेत्रीय क्षेत्र में अधिकांश रोज़गार स्थापित व्यापार द्वारा ही उत्पन्न किए गए हों । इस तरह वे व्यापार किसी भी तरह वहाँ होगें और उनके द्वारा स्टाक उठाकर बाहर जाना क्षेत्रीय इलाकों के भीतर न्यूनतम है । "

स्यू सलेमन :

ग्राहम एपथोर्प जिन्होंने न्यू साउथ वेल्स स्थनीय सरकार तथा शाइरस संस्था के लिए " उद्यम क्षेत्र " कार्य-दल की अध्यक्षता की थी ।

फिर भी, भूगोलवेत्ता केविन ओ कोनार इस बारे में अधिक आश्वस्त नहीं हैं कि "उद्यम क्षेत्र " प्रस्ताव में कल्पना की गई कर की छूट के प्रकार सूचना प्रौद्योगिकी कर्मचारियों को देहात में आकर्षित करने के लिए पर्याप्त होंगे ।

केविन ओ कोनार :

" उद्यम क्षेत्र अमरीका तथा ब्रिटेन के भीतरी शहरों की समस्या से उत्पन्न हुए । यह मूलत: उन स्थलों के विऔद्योगिकीकरण का प्रतिउत्तर था । हाँ, मैं सोचता हूँ कि इसमें कुछ तो समझदारी है विशेषकर आस्ट्रेलिया में ट्रंक ऑपटिक फाइबर रूट में कुछ स्थानों पर । जैसे कि आस्ट्रेलिया के कुछ देहाती शहरों से वास्तव में प्रमुख दूरसंचार ढांचा जा रहा है क्योंकि वे सिडनी तथा मेलबर्न अथवा मेलबर्न तथा एडिलेड जो भी हो के बीचों-बीच या उनके रास्ते पर है और वहां आपटिक फाइबर सिस्टम का आधार नेटवर्क है । इस तरह ऐसी जगह पर स्थित कोई शहर पर्याप्त रूप में इस प्रकार के रूटीन से सम्पर्क स्थापित कर सकता है । स्पष्ट तौर पर समस्या यह है कि उद्यम क्षेत्र की समूची अवधारणा इस विचार पर आधारित है कि स्थल का आधारभूत विषय भवन की कीमत, भूमि की कीमत, कर का स्तर, व्यापार के कार्य में लगने वाली उस तरह की सभी प्रकार की भौतिक वस्तुओं से संबंधित है । जबकि ऐसा प्रतीत होता है कि नई अर्थव्यवस्था में आधारभूत वस्तुएं श्रम, आपूर्तियों, अन्य ठेकेदारों पर पहुंच है, इस प्रकार भूमि, श्रम तथा भवन की कीमत में उनकी सहायता करना अथवा इस प्रकार की सभी वस्तुए जिनकी उन्हें ज़्यादा चिंता नहीं होती, के लिए सभी प्रकार के प्रोत्साहन देने से बड़ी संख्या में लोग आकर्षित नहीं होंगे । अब आप इसके लिए क्या कर सकते हैं मुझे नहीं पता, मैं सोचता हूँ कि इस उद्योग का स्वरूप बदलने तथा दूसरी जगह ले जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ेगी । कुछ लोग सोचते तथा आशा करते हैं कि इस उद्योग में से कुछ जीवन की गुणवत्ता के लिए बाहर जा सकते हैं क्योंकि देश के कुछ भाग रहने के लिए वास्तव में अच्छे हैं और आई.टी. वाले कर्मचारी उन स्थानों पर चले जाएंगे, यद्यपि हाल ही की एक अमरीकी जानकारी तथा विशलेषण ने यह दर्शाया है कि आई.टी. कर्मचारी अच्छी जीवन-शैली पसंद करते हैं और अच्छी जीवन शैली की उनकी परिभाषा एक बड़ी शहरी जीवन शैली की है ।

(संगीत : एनसिंक की एलबम नो स्ट्रिंग्स अटैचड से डिजीटल गैट डाउन)

स्यू सलेमन :

केविन ओ कोनार के इस मत की पुष्टि करने के लिए कि सूचना प्रौद्योगिकी कर्मचारी बड़े शहरों में रहना पसंद करते हैं बंगलोर आधारित सबसे बड़ी भारतीय आई.टी. कंपनियों में से एक इन्फोसिस ने 2002 में आस्ट्रेलिया के दूसरे सबसे बड़े शहर मेलबर्न में अपने कार्य को बढ़ाने की योजना की घोषणा की । मैंने कंपनी के संस्थापक तथा प्रमुख परमार्शदाता नारायण मूर्ति से पूछा, "मेलबर्न ही क्यों ? "

नारायण मूर्ति :

" जैसा कि आप जानते हैं कि भारत के कुल साफ्टवेयर निर्यात का लगभग 35 प्रतिशत बंगलोर से होता है । अब मेलबर्न एक बड़ा शहर है, विक्टोरिया राज्य कई कारणों से महत्वपूर्ण स्थान है, पहला यहाँ प्रतिभा की उपलब्धता है, दूसरा यहाँ आधारभूत ढांचा अच्छा है, तीसरा यहाँ कुछ बड़ी कंपनियां है, चौथा मैं कहूँगा कि यहाँ एम.सी.जी. का गृह क्षेत्र है, तो मेलबर्न क्यों नहीं ?

स्यू सलेमन :

ठीक है, पर क्रिकेट के अलावा मैं सोचता हूँ कि एक सदी पहले के उद्योगपति उपलब्ध कच्चे पदार्थों के आधार पर अपना स्थल चुनते थे । साफ्टवेयर तथा सूचना प्रौद्योगिकी के लिए किन पदार्थों की आवश्यकता होती है ? क्या यह लोग हैं, क्या यह संसाधन हैं ?

नारायण मूर्ति :

आप यह जानते हैं कि हम उद्यमों को अधिक कुशल बनाने के लिए साफ्टवेयर ऐपलीकेशन के व्यापार में हैं । यह देखते हुए कि हमारे लिए मानव शक्ति अर्थात् मानव के दिमाग की शक्ति सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण है और मैं सोचता हूँ कि मेलबर्न तथा विक्टोरिया इस क्षेत्र में काफी सक्षम हैं । उदाहरण के लिए विक्टोरिया प्रतिवर्ष लगभग 6 हज़ार आई.टी. व्यावसायिक उत्पन्न करता है जो कि काफी अच्छा है इस प्रकार हमारे पास सभी आवश्यक कच्चा माल है ।

स्यू सलेमन :

आप अपने व्यापार को अब बढ़ा रहे हैं, इन्फोसिस एक ऐसे समय पर अपने व्यापार को बढाने में समर्थ हो रही है जब अन्य संचार टेकनोलॉजी कंपनियां कर्मचारी घटा रही हैं । क्या आप अभी भी आश्वस्त हैं कि आई.टी. तथा संचार उद्योग भारत अथवा मेलबर्न, जो किसी समय इस देश के बड़े विनिर्माण साम्राज्य का केन्द्र था, के लिए नए रोज़गार, नया वैभव उत्पन्न कर सकता है ?

नारायण मूर्ति :

हाँ, मैं सूचना प्रौद्योगिकी के मेलबर्न, विक्टोरिया, बंगलोर, भारत आदि के मूल्य वर्धन के बारे में काफी आशान्वित हूँ जिसका एक बहुत ही सीधा कारण है - जब अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में नहीं होती तो लोग उत्पादकता बढ़ाने, लागत कम करने, उपभोक्ता आधार में सुधार आदि के लिए चिंतित होते हैं, क्योंकि निगम पैसे के बेहतर मूल्य की तलाश कर रहे होते हैं । दूसरी ओर जब अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में होती है तो स्पष्ट रूप से प्रत्येक व्यक्ति स्तर को बढ़ाने, नए बाज़ार की ओर देखने, आदि के लिए टेकनोलॉजी की शक्ति का फायदा उठाना चाहता है । इस तरह चाहे अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में हो या न हो, मैं सोचता हूँ कि इन देशों के युवाओं के पास ज्ञान की क्रांति में प्रभावी रूप से सहयोग देने के लिए काफी अवसर मौजूद हैं । "

स्यू सलेमन :

श्री मूर्ति तथा उनके पांच साथियों ने 1981 में, जब कोई भी " नई अर्थव्यवस्था अथवा सूचना युग " के बारे में बात नहीं करता था, इन्फोसिस को प्रारम्भ किया ।

इन्फोसिस के अब समूचे विश्व में 10,000 कर्मचारी हैं जो पूरे विश्व में ग्राहकों को आई.टी. सेवाएं प्रदान कर रहे हैं । और चाहे आस्ट्रेलिया में हो अथवा भारत में, शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के मध्य बढ़ती हुई असमानताओं के प्रति वैश्विक चिंताओं के संबंध में मैंने अक्सर भारत के आई.टी. राजदूत कहे जाने वाले व्यक्ति से पूछा कि क्या सूचना संचार टेकनोलॉजियाँ शहरी ग्रामीण अंतर को पाटने में सहायक हो सकती है ।

नारायण मूर्ति :

हाँ मैं सोचता हूँ और जैसा कि आप जानते हैं कि इंटरनेट, ब्राड बैंड वायरस के कारण हम अब चिकित्सा देख-रेख , शिक्षा तथा साथ ही अन्य उपयोग क्षेत्रों को भारत में सबसे दूरवर्ती भाग में ले जाने में समर्थ हुए हैं क्योंकि वहाँ जीवन की गुणवत्ता बहुत अच्छी न होने के कारण अधिकांश व्यावसायिक वास्तव में ग्रामीण क्षेत्रों में जाना और रहना नहीं चाहते । दूसरी ओर यदि आप उनके ज्ञान, उनकी विशेषज्ञता को, दूरवर्ती क्षेत्रों में लाना चाहते हैं तो मैं सोचता हूँ कि इंटरनेट काफी अंतर ला सकता है ।

स्यू सलेमन :

श्री नारायण मूर्ति, इन्फोसिस टेकनोलॉजी के सह-संस्थापक तथा इसके बोर्ड के अध्यक्ष ।

और मैं उम्मीद करती हूँ कि आस्ट्रेलिया इस समय के अगले अंक में आप स्यू सलेमन के साथ होंगे जब हम शिक्षा के अन्तर्राष्ट्रीयकरण पर नज़र डालेंगे ।

मेलबर्न के मोनेश विश्वविद्यालय के नेश्नल सेंटर फ़ॉर आस्ट्रेलियन स्टडीज़ को शैक्षिक सलाह तथा तकनीकी निर्देशन के लिए रेयान ईगन को मेरा धन्यवाद।

(संगीत : एनसिंक की एलबम नो स्ट्रिंग्स अटैचड से डिजीटल गैट-डाउन)